चोटी काटने वाले के कहर से बेहोश हो अस्पताल पहुंच रहीं महिलाएं, गांव में पुलिस गश्त तेज
Mon, 31 Jul 2017 09:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
सार
1- चकरंगाला के पास बुजुर्ग महिला को पुलिस को सौंपते हुए।
2- सिविल अस्पताल में महिला की जांच करवाते पुलिस अधिकारी।
3- पुलिस थाने के बाहर जमा भीड़
इंडरी स्कूल की मिड डे मील वर्कर व कटी चोटी।
खेड़ा-खलीलपुर की मनसा अपने पिता के साथ बैठी हुई।
फिर
- गुरुग्राम और पलवल का भी मामला आया, दहशत में महिलाएं-बच्चे
- पुलिस ने कहा, अफवाह, डॉक्टरों के अनुसार, पुलिस-प्रशासन हो अब सख्त
हरियाणा में महिलाओं की चोटी कटने का सिलसिला थम नहीं रहा है। शनिवार को भी कई मामले सामने आए जिसमें अचानक चोटी कटने के बाद महिलाएं बेहोश हो गईं। बाद में परिजनों और ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पीड़िताओं के परिवार से बात की। इस प्रकार की पिछले एक सप्ताह से हो रही घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। हालांकि, प्रशासन लगातार लोगों से अंधविश्वास पर यकीन न करने की अपील कर रहा है।
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बुजुर्ग महिला को आरोपी समझ पुलिस को सौंपा: चोटी काटने की लगातार हो रही घटना से दहशत और परेशानी में चकरंगाला गांव के लोगों ने शक के आधार पर एक बुजुर्ग महिला को पुलिस के हवाले कर दिया। घटना शुक्रवार रात की है। महिला को देखने के लिए थाने में लोग जुटने लगे। भीड़ जब काबू में नहीं हुई, तो पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा। पुलिस ने सिविल अस्पताल में बुजुर्ग महिला की जांच करवायी तो पाया कि वह विक्षिप्त है। जिसके बाद उसे छोड़ दिया गया।
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नगीना से भी दो गिरफ्तार: नगीना के बदरपुर व खुशपुरी गांव से शनिवार को चोटी काटने की अफवाह के आरोप में दो लोगों को ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। मेवात में जैसे ही खबर फैली तो सैकड़ों गांव से हजारों लोग उन्हें देखने के लिए नगीना थाने में पहुंच गये। गत शाम भी भादस गांव में एक महिला की चोटी काटने का मामला सामने आया था। वहीं पडोस के गांव जलालपुर, बसई खाजादा में भी दो मामले सामने आये है। एसएचओ महेंद्र सिंह ने बताया कि पकड़े गये दोनों लोग किसी दूसरे राज्य के हैं। क्योंकि इनकी बोली पूरी तरह से समझ में नहीं आती। ऐसा लगता है कि यह मानसिक रोगी हो सकते है जो कि घूमते फिरते मेवात तक आ पहुंचे है।
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दहशत : अब जूड़ा बांधने लगीं महिलाएं, सैर पर जाना भी बंद: चोटी कटने की हो रही घटनाओं से महिलाएं इतनी दहशत में हैं कि वे अब अपने गांव के घरों में बने शौचालय का ही इस्तेमाल कर रही हैं। इसके साथ ही बालों की चोटी न बांधकर जूड़ा बांधना शुरू कर दिया है। लड़कियों महिलाओं ने इसी दहशत में सुबह और शाम को सैर पर जाना भी बंद कर दिया है। ये आलम शहर का ही नहीं, गांव का भी हो गया है। गांवों में महिलाएं सूर्य निकलने से पहले और छिपने के बाद घरों से बाहर नहीं निकल रही हैं। कुछ महिलाएं सरकार की योजना को ताक पर रखकर शौच के लिए जंगलों और खेतों में चली जाती थीं। लेकिन चोटी कटने की घटना सुनने के बाद घरों में बने शौचालय का ही इस्तेमाल करने लगी हैं। गांव के अब्दुल सत्तार, अहमद, जमालुद्दीन, रशीद अहमद और शौकत ने कहा, शुक्र है डीसी साहब द्वारा गांवों में घर-घर बनवाए शौचालय अब काम आ रहे हैं।
साइबर सिटी में कटी महिला की चोटी: राजस्थान से शुरू हुआ महिलाओं की चोटी काटने का सिलसिला मेवात होते हुए अब साइबर सिटी पहुंच गया है। शुक्रवार देर रात गुरुग्राम में एक महिला की चोटी काटने का पहला मामला सामने आया। महिला का कहना है कि अज्ञात व्यक्ति ने शुक्रवार देर रात उनकी चोटी काट दी। हालांकि, मामले में पुलिस को शिकायत नहीं दी गई है। बता दें कि इससे पहले गांव जनौला, गांव गुढाना और फर्रूखनगर में चोटी काटने की घटना हो चुकी है। अशोक विहार एरिया में सुनीता देवी अपने परिवार के साथ रहती हैं। शुक्रवार देर रात गेट बंद करने के बाद वह जैसे ही वापस अंदर घूमीं तो एक व्यक्ति दिखाई दिया। उन्होंने अपने बच्चों को आवाज दी। जैसे ही वह बाथरूम के पास पहुंचीं तो उस व्यक्ति ने उनका हाथ पकड़ लिया। इसके बाद वह बेहोश हो र्गइं। जब तक परिजन नीचे पहुंचते आरोपी उनके बाल काटकर जा चुका था। बेहोशी की हालत में परिजनों ने उन्हें रेलवे रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। महिला की हालत में सुधार होते ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।