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ये हैं महिला पायलटों की हीरोइन, खुले प्लेन में कर रहीं सफर

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इन्हें अगर दुनिया भ्रर ही महिला पायलटों की हीरोइन कहा जाए तो गलत नहीं होगा। हालांकि, ट्रेसी ब्रिटेन की पायलट एमी जॉनसन को अपनी हीरोइन मानतीं हैं क्योंकि 1930 में एमी ने जिस रास्ते पर चलकर पहली बार दुनिया का चक्कर लगाया था ट्रेसी भी उसी रास्ते से पर निकलीं हैं।
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ये हैं महिला पायलटों की हीरोइन, खुले प्लेन में कर रहीं सफर

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अपने सफर के दौरान बुधवार को ट्रेसी भारत पहुंची। ब्रिटेन की महिला एडवेंचर पायलट ट्रेसी ने बताया कि उन्होंने 23 देशों से होकर आस्ट्रेलिया तक की यात्रा के लिए 1942 में निर्मित बोइंग स्टीयरमैन स्पिरिट ऑफ अर्टेमिस एयरक्राफ्ट चुना।
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नौ सिलेंडर वाला यह एयरक्राफ्ट सिर्फ दिन के उजाले में एक बार में छह घंटे की उड़ान भर सकता है। हालांकि वह सिर्फ साढ़े चार से पांच घंटे ही उड़ती हैं। इमरजेंसी की स्थिति में यह ब्राजीलियन एयरक्राफ्ट सड़क पर भी लैंड कर सकता है।

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दुनिया के हर प्रोफेशन की तरह एयरफोर्स में भी महिलाएं बेहतरीन फाइटर पायलट साबित होंगी। महिलाओं को फाइटर पायलट बनाने की भारत सरकार की मंजूरी एक ऐतिहासिक कदम है। उम्मीद है कि महिलाएं काम्बैट एयरक्राफ्ट में भी बेहतरीन सामंजस्य का परिचय देंगी।
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ये बातें ब्रिटेन से ऑस्ट्रेलिया की सोलो फ्लाइट लेकर हिंडन पहुंचीं एडवेंचर पायलट ट्रेसी कर्टिस ने कहीं। खुले कॉकपिट वाले बोइंग स्टीयरमैन स्पिरिट ऑफ अर्टेमिस विमान से आईं ट्रेसी का हिंडन एयरबेस पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
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इस दौरान ट्रेसी कार्टिस ने महिला पायलटों को फ्लाइंग के टिप्स दिए। ट्रेसी ने कहा कि वह एक फाइटर पायलट बनना चाहती थीं। मगर काम्बैट विमानों में महिलाओं की तैनाती नहीं होने से कामर्शियल पायलट बनना पड़ा।
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भारत में फाइटर पायलट बनने की मंजूरी मिलने के बाद अब महिलाएं खुद को साबित कर सकेंगी। ब्रिटेन से ऑस्ट्रेलिया तक 13 हजार मील लंबी उड़ान के पीछे उनका लक्ष्य सभी देशों की महिलाओं को पायलट बनने के लिए प्रेरित करना है।

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ट्रेसी सोमवार को हिंडन पहुंची थीं। उन्होंने स्कूली बच्चों से भी मुलाकात की। मंगलवार को उन्होंने टाइगर मॉथ विमान के साथ हिंडन एयरबेस के चारों ओर उड़ान भरी। बुधवार को ट्रेसी आगरा के लिए रवाना होंगी।

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ब्रितानी महिला पायलट एमी जानसन ने 1930 में ब्रिटेन से आस्ट्रेलिया तक 13 हजार मील की दूरी विंटेज विमान से 19 दिन में तय की थी। ट्रेसी उसी ऐतिहासिक कारनामे को दोहराने के लिए इस सफर पर निकलीं हैं।

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एक अक्तूबर से शुरू हुई उनकी यह यात्रा जनवरी 2016 के पहले सप्ताह में ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में खत्म होगी। हिंडन के बाद ट्रेसी आगरा, बनारस और कोलकाता में रुकेंगी। भारत के बाद बांग्लादेश, म्यांमार, थाईलैंड, मलेशिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया के बाद आस्ट्रेलिया जाएंगी।

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स्क्वाड्रन लीडर कमलजीत ने कहा कि अगर मौका मिला तो वह भी ऐसी ऐतिहासिक उड़ान भरेंगी। हर महिला पायलट ट्रेसी की तरह इतिहास रचने में सक्षम है।

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ट्रेसी कर्टिस टेलर के बोइंग विंटेज विमान के साथ विंग कमांडर एच कुलश्रेष्ठ और स्क्वाड्रन लीडर कमलजीत ने भारतीय विंटेज विमान टाइगरमॉथ में हिंडन के चारों ओर उड़ान भरी।

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आधे घंटे के बाद एयरबेस में उतरी ट्रेसी ने कमलजीत से गले मिलकर अभिवादन किया। कमलजीत की साथी पायलट सुरभि ने कहा कि सिर्फ मौके की देर है। भारतीय महिला पायलट हर फ्रंट पर खुद को साबित करेंगी।

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फ्लाइट लेफ्टिनेंट शैली ने कहा कि हर महिला एयरफोर्स ज्वाइन करते समय फाइटर प्लेन उड़ाने का सपना लेकर आती है। सरकार की मंजूरी मिली है तो सपना पूरा होगा।
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ट्रेसी से मिलने के लिए पूर्व महिला पायलट जयश्री देवी शर्मा भी पहुंचीं। जयश्री ने बताया दो दशक पहले महिला पायलटों की संख्या कम थी। मगर अब महिलाएं एयरफोर्स में आने के लिए लालायित हैं।
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