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Who is Tahir Hussain: कौन है IB अफसर अंकित शर्मा का हत्यारा ताहिर हुसैन, चार्जशीट में बताया था मास्टर माइंड

Fri, 31 Jul 2026 05:32 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

Who is Tahir Hussain: 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अफसर अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दिल्ली की एक कोर्ट ने पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा सुनाई है। ताहिर यूपी के अमरोहा से दिल्ली आया था। यहां आप पार्टी के टिकट पर पार्षद भी बना। 
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अंकित शर्मा हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में पूर्व आम आदमी पार्टी पार्षद ताहिर हुसैन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला दिल्ली दंगों से जुड़े एक बहुचर्चित मामले में आया है। अंकित शर्मा की हत्या 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के दंगों के दौरान कर दी गई थी। कोर्ट ने हुसैन को हत्या और अन्य संबंधित अपराधों के लिए दोषी पाया।



अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने ताहिर हुसैन को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया। इनमें धारा 188, 153ए, 147, 148, 149, 365 और 302 प्रमुख हैं। यह निर्णय दिल्ली दंगों के पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस मामले में लंबे समय से सुनवाई चल रही थी।

कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने 2020 के सांप्रदायिक दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) अधिकारी अंकित शर्मा की निर्मम हत्या के मामले में पूर्व आम आदमी पार्टी (आप) पार्षद ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने ताहिर हुसैन सहित चार अन्य आरोपियों- नजीर, आसिम, जावेद और अनास को भी उम्र कैद की सजा सुनाई है।
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दिल्ली दंगा 2020 - फोटो : फाइल फोटो
दिल्ली दंगे में क्या लगे थे आरोप
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के करावल नगर इलाके में रहने वाले इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के सुरक्षा सहायक 26 वर्षीय अंकित शर्मा की दंगाइयों ने हत्या कर दी थी। इसके पीछे आम आदमी पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन का नाम सामने आया। ताहिर और उनके समर्थकों पर उस वक्त आईबी के स्टाफ अंकित की हत्या का आरोप लगा।
 
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दिल्ली दंगे में ताहिर हुसैन ने की थी आईबी अधिकारी अंकित की हत्या - फोटो : अमर उजाला
दयालपुर थाने में दर्ज हुई थी एफआईआर
ताहिर हुसैन के खिलाफ दयालपुर थाने में हत्या, आगजनी और हिंसा फैलाने का मामला दर्ज हुआ। पुलिस ने ताहिर के मकान की तलाशी ली तो वहां से पेट्रोल बम, गुलेल और तेजाब बरामद हुआ। बवाल का वीडियो सामने आया तो ताहिर ने मान लिया कि वीडियो उनकी छत का ही है।

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पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन - फोटो : अमर उजाला
आरोप के बाद आप पार्टी ने कार्रवाई की
27 फरवरी 2020 को उनको आप ने पार्टी से निष्कासित कर दिया। 24 फरवरी, 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की इस हिंसा में कम से कम 53 लोग मारे गए और लगभग 700 घायल हो गए थे। 22 अप्रैल 2020 को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ताहिर हुसैन पर आतंकवाद विरोधी कानून ‘अवैध गतिविधियां रोकथाम अधिनियम’ (यूएपीए) लगाया था।
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ताहिर हुसैन (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई
जून 2020 में 1030 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की
क्राइम ब्रांच ने जून 2020 में दिल्ली हिंसा से जुड़ा 1030 पन्नों का एक आरोपपत्र कड़कड़डूमा कोर्ट में दायर किया। यह आरोपपत्र उत्तर पूर्वी दिल्ली के चांद बाग इलाके में हुए दंगे के संबंध में दायर किया गया था और ताहिर हुसैन पर इस दंगे का मास्टरमाइंड होने का आरोप लगाया था। पुलिस का आरोप था कि चांद बाग इलाके में दंगे भड़काने के लिए ताहिर हुसैन ने एक करोड़ 30 लाख रुपए खर्च किए थे। 
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दिल्ली दंगा ताहिर हुसैन दोषी - फोटो : Self
चार्जशीट में पुलिस ने बताया था मास्टरमाइंड
आरोप था कि हिंसा के वक्त आरोपी ताहिर हुसैन अपनी छत पर मौजूद था और उसी ने इलाके में हिंसा भड़काई थी। चार्जशीट में बताया गया कि दंगों से पहले ताहिर हुसैन ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल लोगों से बातचीत की थी। इस बीच उसने जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद और खालिद सैफी से भी बात की थी। 

2023 में कड़कड़डूमा कोर्ट ने ताहिर हुसैन और 10 अन्य आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 147, 148, 153A, 302 और 120B के तहत आरोप तय किया। कड़कड़डूमा कोर्ट ने कहा था कि ताहिर हुसैन ने दंगा भड़काने के लिए भीड़ को उकसाया।  
 
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Court Room - फोटो : ANI
ताहिर की छत से बरामद हुआ था दंगे का सामान
कड़कड़डूमा कोर्ट ने कहा कि दिल्ली दंगों के दौरान ताहिर हुसैन के घर में दंगों से संबंधित जरूरी सामान जमा किया जा रहा था। वहां पेट्रोल बम का भी इंतजाम किया गया था। कोल्ड ड्रिंक्स की बोतलों में पेट्रोल भरकर उनकी मौजूदगी में उनके घर के अंदर ले जाया जा रहा था। ताहिर लगातार इस भीड़ की निगरानी और उकसाने का काम कर रहा था। इस भीड़ के सदस्यों के इस तरह के आचरण से पता चलता है कि वे लोगों को मारने और नुकसान पहुंचाने के लिए काम कर रहे थे। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
कुछ मामलों में मिली थी जमानत
जुलाई 2023 में ताहिर को पांच मामलों में हाईकोर्ट से जमानत मिल गई, लेकिन वो फिर भी जेल में ही रहा। दरअसल, उस पर कई और धाराओं पर केस चल रहा था।  जिन मामलों में ताहिर को जमानत मिली वो सभी मामले 2020 में दयाल पुर पुलिस स्टेशन में दर्ज किए गए थे। ताहिर हुसैन के खिलाफ हत्या की कोशिश, दंगा और आपराधिक साजिश के आरोप में केस दर्ज किया गया था। हाईकोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ इन पांचों मुकदमों में ताहिर को जमानत दे दी थी। 

कौन है ताहिर हुसैन 
ताहिर हुसैन ने 2017 में आम आदमी पार्टी के टिकट पर पार्षद का चुनाव जीतकर पार्षद बना। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अमरोहा स्थित पौरारा गांव का रहने वाला है। पांच भाइयों में ताहिर सबसे बड़ा है। 2017 के चुनावी हलफनामे  में उसने 18 करोड़ की घोषित संपत्ति थी। 2020 के दिल्ली दंगों में ताहिर का नाम आया। दंगों में ताहिर का नाम आने के बाद आम आदमी पार्टी ने उसे पर्टी से निष्कासित कर दिया।  
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