दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में पूर्व आम आदमी पार्टी पार्षद ताहिर हुसैन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला दिल्ली दंगों से जुड़े एक बहुचर्चित मामले में आया है। अंकित शर्मा की हत्या 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के दंगों के दौरान कर दी गई थी। कोर्ट ने हुसैन को हत्या और अन्य संबंधित अपराधों के लिए दोषी पाया।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने ताहिर हुसैन को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया। इनमें धारा 188, 153ए, 147, 148, 149, 365 और 302 प्रमुख हैं। यह निर्णय दिल्ली दंगों के पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस मामले में लंबे समय से सुनवाई चल रही थी।
कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने 2020 के सांप्रदायिक दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) अधिकारी अंकित शर्मा की निर्मम हत्या के मामले में पूर्व आम आदमी पार्टी (आप) पार्षद ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने ताहिर हुसैन सहित चार अन्य आरोपियों- नजीर, आसिम, जावेद और अनास को भी उम्र कैद की सजा सुनाई है।