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जब थमा रहा बसों का पहिया तो ऐसी नजर आई सूरत

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फरीदाबाद में रोडवेज की सिटी बस सेवा के कर्मचारी के साथ मारपीट और आरोपियों के न पकड़े जाने पर बुधवार को बसों का चक्का जाम हो गया। इसका खामियाजा यात्रियों को झेलना पड़ा। सुबह आठ बजे से ही कर्मचारी बल्लभगढ़ बस डिपो पर एकत्रित होकर बैठ गए और बसें चलाने से मना कर दिया।
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जब थमा रहा बसों का पहिया तो ऐसी नजर आई सूरत

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उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद दोपहर करीब 12:30 बजे बसों का संचालन सुचारु किया गया। रोज की तरह डिपो पर सुबह से ही दिल्ली और गुड़गांव जाने वाले यात्रियों का तांता लगना शुरू हो गया था। काफी देर तक बसों को न चलता देख कुछ यात्रियों ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से बसों को चलाने के लिए कहा।
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इसके बावजूद गुस्साए यात्रियों ने बसें चलाने से साफ इनकार कर दिया। इस दौरान दिल्ली को कनेक्ट करने वाली लंबे रूट बसों को भी बंद रखा गया। इसने यात्रियों की परेशानी को बढ़ा दिया। हालांकि कुछ बसें सुबह 7:30 बजे डिपो से बाहर चली गई थीं, लेकिन 40 से अधिक सिटी बसें डिपो के अंदर ही खड़ी थीं। इस कारण यात्रियों को इस हड़ताल के दौरान राहत नहीं मिल सकी।

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मजबूरन यात्रियों को निजी बसों और ऑटो का सहारा लेना पड़ा। इस दौरान एनआईटी दशहरा ग्राउंड से भी बसों के संचालन पर रोक लगा दी गई थी। यहां से दिनभर में करीब 28 बसें गुड़गांव के लिए चलाई जाती है। इनमें से सिर्फ पांच बसें निकल पाई थीं।
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दोनों बस अड्डों पर 63 बसों के पहिए साढ़े चार घंटे तक थमे रहे। सिटी बस सेवा के जीएम जेएस अहलावत ने बताया कि कर्मचारियों में अपने एक साथी के साथ मारपीट को लेकर रोष था। इस पर जल्द ही कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया गया है। बस सेवा फिर प्रभावित न हो, इसके लिए विभाग भी अपनी तरफ से कार्रवाई करेगा।
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