पश्चिमी विक्षोभ के कारण अभी ठंड से निजात नहीं मिलेगी। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण 30 जनवरी से मौसम में बदलाव आएगा। 31 जनवरी और एक फरवरी को बारिश और हिमपात की संभावना है।
उधर, हंसलिंग, राजरंभा, पंचाचूली, नंदादेवी, छिपलाकेदार की चोटियों पर लगातार हिमपात जारी है। नगर और आसपास के क्षेत्रों में कुछ देर तक बर्फ के फाहे गिरे। बाद में हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। भारी हिमपात से बंद थल-मुनस्यारी मार्ग अभी तक सुचारु नहीं हो पाया है।
लोनिवि की टीम सड़क पर जमा बर्फ को हटाने में जुटी हुई है। रातापानी से मुनस्यारी के बीच 20 किमी तक बर्फ हटाकर सड़क खोल दी है। यदि मौसम ने साथ दिया तो सोमवार से इस मार्ग पर यातायात सुचारु होने की उम्मीद है।
क्षेत्र में हुई बर्फबारी के चलते सीमांत के 12 गांवों में छह दिन से बिजली गुल है। वहीं बागेश्वर जिले के मल्ला और विचल्ला दानपुर के कई गांवों की बिजली गुल है। दो दिन पहले हुई बर्फबारी से बंद कर्मी-विनायक, रिखाड़ी-बाछम-बदियाकोट और शामा-लीती-गोगिना सड़कें रविवार को भी नहीं खुल सकीं।
आठ दिन से लोखंडी में फंसे दिल्ली के चार पर्यटक
देहरादून और चकराता में आठ दिनों से दिल्ली के चार पर्यटक अपने वाहन के साथ लोखंडी में फंसे हुए हैं। पिछले रविवार को दिल्ली से आए सैयद अफसान कादरी, जोएल शालोन, अधिराज व आदित्य सिंह बर्फबारी का लुत्फ लेने के लिए लोखंडी स्थित एक होटल में ठहरे थे। लोखंडी में पिछले सोमवार को हुई भारी बर्फबारी से बंद हुए मोटर मार्ग के कारण चार पर्यटक फंस गए। पर्यटकों ने बताया कि आठ दिनों वे लोग मार्ग खुलने का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीणों ने उन्हें पैदल निकालने की भी कोशिश की लेकिन सड़क पर अधिक बर्फ जमी होने के कारण वे लोखंडी से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। उधर, एसडीएम चकराता अपूर्वा सिंह ने बताया कि पर्यटकों को सकुशल वापस लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
बर्फीली हवाएं चलने से पूरा हिमाचल ठंड की चपेट में है। रविवार को शिमला समेत प्रदेश के 11 क्षेत्रों में पारा शून्य और उससे नीचे लुढ़क गया। शिमला का पारा माइनस 0.2 तो केलांग का पारा माइनस 17 डिग्री पर पहुंच गया है।
जनवरी 2008 के बाद पहली बार न्यूनतम तापमान इतना लुढ़का है। राजधानी शिमला में रविवार पौने तीन बजे के बाद फिर से फाहे गिरने शुरू हो गए। देर शाम तक हिल्स क्वीन में फिर सफेद चादर बिछ गई।
हिमाचल में भारी बर्फबारी के चलते कई इलाके कटे हुए हैं। प्रदेश में छोटी-बड़ी 884 सड़कें अभी भी बंद हैं। रोहतांग समेत लाहौल, मंडी, कुल्लू, किन्नौर और सिरमौर की चोटियों पर भी हल्का हिमपात जारी है। प्रदेश में 500 के करीब बस रूटों पर यातायात ठप है। ठंड से 300 पेयजल योजनाएं जाम हो गई हैं। कई इलाकों में बिजली कट लग रहे हैं।
बर्फ में फिसलकर खाई में गिरी कार, एक की मौत
ठियोग के मतियाना-गढ़ाकुफर मार्ग पर कूडू के पास शनिवार देर शाम एक कार बर्फ में फिसलकर खाई में जा गिरी। हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हैं।
आठ दिन बाद खुला जम्मू-श्रीनगर हाईवे, फिर बंद
जम्मू। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाइवे रविवार को आठ दिन बाद खुला तो सही लेकिन रामबन क्षेत्र में बर्फबारी और भूस्खलन के चलते फिर बंद हो गया। प्रशासन ने हाइवे पर पिछले कई दिनों से फंसे हजारों वाहनों को ही गंतव्य की ओर से रवाना करने का काम शुरू ही किया था कि भूस्खलन का सिलसिला फिर से शुरू हो गया और कुछ किलोमीटर चले वाहन फिर से फंस कर रह गए। वहीं लेह में न्यूनतम तापमान माइनस 15.5 और कारगिल में न्यूनतम तापमान माइनस 20.7 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क से जन जीवन पर खासा असर पड़ा है।
-केलांग में माइनस 17, कल्पा में माइनस 5.4, मनाली में माइनस 5.0, कुफरी में माइनस 4.2, शिमला में माइनस 0.2 डिग्री तापमान।
-कारगिल में न्यूनतम तापमान माइनस 20.7 डिग्री सेल्सियस, लेह में न्यूनतम तापमान माइनस 15.5
चमोली जिले में बारिश और बर्फबारी का दौर थमने को नहीं है। शनिवार को दिनभर मौसम सामान्य रहा, लेकिन रविवार को दिनभर फिर निचले क्षेत्रों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी जारी रही। जिले के 179 गांव अभी भी बर्फ से ढके हुए हैं। 14 मोटर मार्ग अवरुद्ध पड़े हैं। घाट, पोखरी और जोशीमठ क्षेत्र में अभी भी नौ गांवों में विद्युत आपूर्ति ठप पड़ी हुई है।
जिले में गत शुक्रवार रात को मौसम सुधरने के बाद शनिवार को चटख धूप खिली रही, लेकिन रात करीब 11 बजे से फिर शुरू हुई बारिश रविवार सुबह थमी। दोपहर बाद फिर बारिश और बर्फबारी होने से जिले में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है।
ऋषिकेश-बदरीनाथ मार्ग हनुमानचट्टी से आगे बंद बंद पड़ा हुआ है, जिससे माणा से आईटीबीपी और सेना के जवानों की आवाजाही भी ठप पड़ गई है। रुद्रप्रयाग-मोहनखाल-पोखरी, पोखरी-मोहनखाल-चंद्रनगर, जोशीमठ-मलारी, चमोली-मंडल-चोपता-ऊखीमठ, घाट-रामणी और घाट-सुतोल-कनोल मोटर मार्ग पर भी यातायात ठप पड़ा हुआ है।