बुखार से सरकारी अस्पताल में भर्ती बैड के मुकाबले मरीजों की संख्या दोगुनी होने के चलते बेड न मिलने से रविवार को उल्टी-दस्त से पीड़ित बच्ची संजना को उसकी मां द्वारा ओपीडी के बाहर बरामदे में ही लेटा दिया गया।
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वार्ड में नहीं मिली जगह तो बरामदे में लिटाया, नहीं हुआ इलाज
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बच्ची यहां कई घंटों तक पड़ी रही। मरीज की मां अनीता ने बताया कि उल्टी दस्त की वजह से वे लोग बच्ची को शनिवार रात 11 बजे सरकारी अस्पताल लेकर आए थे। यहां बच्ची को भर्ती भी कर लिया गया। बच्ची को जब वार्ड में रात में जगह दे दी गई।
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वार्ड में नहीं मिली जगह तो बरामदे में लिटाया, नहीं हुआ इलाज
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जिस बेड पर बच्ची को लिटाया गया, उस पर पहले से ही एक मरीज लेटा हुआ था। उनकी बच्ची को बार-बार उल्टी दस्त होने से वार्ड में अन्य लोग उन पर नाराज होने लगे। बच्ची द्वारा बिस्तर गीला करने के बाद डॉक्टर और नर्स ने भी उन्हें बच्ची को बेड से हटाने की बात कही।
वार्ड में नहीं मिली जगह तो बरामदे में लिटाया, नहीं हुआ इलाज
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इसी पर वे अपनी बच्ची को बरामदे में ले आई। बाद में अस्पताल पहुंचे बच्ची के पिता जितेंद्र ने बच्ची को वार्ड में जगह न मिलने पर बच्ची को दवा दिलाकर वापस ले गए।