साठा चौरासी की महापंचायत को टालने के लिए बिसाहड़ा गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। मुख्य द्वार से लेकर पूरे गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। गांव आने और जाने वाले हर व्यक्ति पर पैनी नजर रखी जा रही है।
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छावनी बना बिसाहड़ा
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
पुलिस महापंचायत के लिए जनसंपर्क करने में जुटे लोगों की कुंडली खंगालने में जुटी है। उधर महापंचायत के लिए गांवों में युवाओं और बुजुर्गों की टीमें भेजी जा रही हैं।
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आगामी 10 अप्रैल को होने वाली साठा चौरासी की महापंचायत में लोगों को बिसाहड़ा में बुलाने के लिए दादरी विधान सभा क्षेत्र के 27 गांवों में युवाओं की कई टीमें जुटी हुई हैं। ग्रामीणों के मुताबिक धौलाना क्षेत्र के ठाकुर बाहुल्य गांवों में बुजुर्गों ने कमान संभाल रखी है। वहीं कई गांवों में महिलाओं की टीम भी महापंचायत को सफल बनाने के लिए जनसंपर्क करने में जुटी है।
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नाम न छापने की शर्त पर एक ग्रामीण ने बताया कि आगामी 10 अप्रैल को करीब 20 हजार महिला पुरुषों के आने की उम्मीद है। ग्रामीणों के मुताबिक जनसंपर्क के दौरान उनको काफी समर्थन मिल रहा है।
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बिसाहड़ा कांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर 10 अप्रैल को होने वाली महापंचायत को टालने के लिए प्रशासन जुटा है। शुक्रवार को राणा संग्राम सिंह इंटर कालेज में एसडीएम और सीओ के साथ ग्रामीणों की बैठक हुई। जिसमें ग्रामीणों ने मांस के टुकड़े की फोरेंसिक रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। वहीं अधिकारियों ने आला अफसरों से बातचीत करने के लिए 24 घंटे का समय लिया है। शनिवार को इस मसले पर दोबारा प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बैठक होगी।
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शुक्रवार को उपजिलाधिकारी राजेश कुमार सिंह और पुलिस क्षेत्राधिकारी अनुराग सिंह ने ग्रामीणों को बातचीत के लिए बुलाया। मौके पर ग्रामीणों ने सीबीआई जांच कराने और मांस के टुकड़े की फोरेंसिक रिपोर्ट सार्वजनिक करने और पुलिस जांच का हिस्सा बनाने की मांग रखी। जिस पर दोनों अधिकारियों ने शाम को पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों के समक्ष रखकर 24 घंटा का समय मांगा है।
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अब ग्रामीणों के साथ शनिवार को उसी स्थान पर वार्ता होगी। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस-प्रशासन ने पूर्व में उनको आश्वासन दिया था लेकिन बाद में उनके साथ अन्याय हुआ है। इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। जो बेगुनाह गांव के युवा जेल में बंद है वे जल्द रिहा होने चाहिए। अगर उनकी मांग नहीं मानी जाती है तो महापंचायत टाली नहीं जाएगी।