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इलाज के दौरान कोमा में चले गए थे पत्रकार विक्रम जोशी, इसलिए नहीं हो पाया ऑपरेशन

Thu, 23 Jul 2020 12:56 PM IST
पूजा त्रिपाठी आशुतोष यादव, अमर उजाला, गाजियाबाद
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उस रात की तस्वीरें जब विक्रम जोशी पर हुआ था हमला - फोटो : अमर उजाला
गोली लगने के बाद बेहोश हुए गाजियाबाद के पत्रकार विक्रम साथ में घर जा रही बेटियों से भी एक शब्द बात नहीं कर पाए। बेहोशी की हालत में यशोदा अस्पताल में भर्ती किए गए। इलाज करने वाले न्यूरो सर्जन डॉ. अतुल गुप्ता ने बताया कि गंभीर रूप से घायल को तुरंत वेंटीलेटर पर रखा गया। इसके बाद सिर में टांके लगाए गए। जानिए फिर क्या हुआ....
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विक्रम पर हमला करते बदमाश - फोटो : अमर उजाला
खून बहना तो बंद हो गया, लेकिन विक्रम जोशी कोमा में चले गए। उस स्थिति में ऑपेरशन करना संभव नहीं था। डॉक्टरों की टीम लगातार 27 घंटे तक मॉनिटरिंग करती रही। इसके बावजूद सफलता हाथ नहीं लगी और अंततः मौत हो गई। 
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गोली लगने के बाद जमीन पर गिरे विक्रम जोशी - फोटो : अमर उजाला
डॉ. अतुल ने बताया कि विक्रम को अस्पताल में रात करीब 11 बजे लाया गया था। उस समय वह बेहोशी की हालत में थे, इसके बाद आक्सीजन लगाया गया। लेकिन लगातार पल्स रेट गिरता गया और एक बार भी ऐसा नहीं लगा कि होश में आने की उम्मीद जगे और वह लगातार बेहोशी की हालत में रहे।

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पिता को उठाती बेटी - फोटो : अमर उजाला
कई बार पल्स रेट अचानक बहुत ही कम हो जाता था, जिसे दवा और आक्सीजन के सहारे सामान्य करने का प्रयास किया जाता था, लेकिन स्थिति सामान्य नहीं हुई और बुधवार की रात करीब 4 बजे अंतिम सांस ली। उन्होंने बताया कि अगर किसी तरह से वह एक बार होश में आ गए होते तो आपरेशन कर गोली निकालने का प्रयास किया जाता, लेकिन कोमा में जाने पर आपरेशन नहीं किया जा सकता था। 
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बेटी की मदद की गुहार लगाती रही - फोटो : अमर उजाला
दो घंटे तक गोली ढूंढते रहे डाक्टर 
विक्रम जोशी की मौत के बाद पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर दो घंटे तक गोली ढूंढते रहे।  इसके बाद भी गोली नहीं मिली तो शव की एमआरआई कराने की तैयारी की गई। इसी दौरान यशोदा अस्पताल में इलाज करने वाले डॉक्टर से पोस्टमार्टम करने वाली टीम ने संपर्क किया तब पता चला कि ड्रेसिंग करते समय ही गोली मिल गई थी। इसके बाद पोस्टमार्टम पूरा किया गया।
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