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PICS : सूरजकुंड मेले में बढ़ी दूध-जलेबा की मांग, लोगों ने खूब एंजॉय किया दिन

Wed, 07 Feb 2018 10:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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surajkund mela - फोटो : अमर उजाला
सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला अब अपने शबाब पर आने लगा है। दर्शकों की मौज-मस्ती से मेला गुलजार हो रहा है। हल्की धूप में दर्शकों की संख्या बढ़ते देख शिल्पकारों और कलाकारों के चेहरे भी खिले रहे हैं। मंगलवार को मेले की चौपाल पर जहां आसाम का बिहू नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा, वहीं नटौरी नृत्य ने मेले में आए सैलानियों में रंग जमा दिया।
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surajkund mela - फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को मेले की चौपाल पर ब्रज की होली, हिमाचल का सिरमौरी नृत्य, महाराष्ट्र के कोली, लावणी, धोबिया नृत्य, छाऊ नृत्य की प्रस्तुति से कलाकारों ने धमाल मचाया तो किर्गिस्तान और मिस्र के कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। हिमाचल के सिरमौरी नृत्य के कलाकारों ने खूबसूरत प्रस्तुति दी।
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surajkund mela - फोटो : अमर उजाला
इनके अलावा उत्तर प्रदेश के कलाकारों ने करमा नृत्य, पाई डंडा के साथ आसाम का बिहू नृत्य भी आकर्षण का केंद्र रहा। उत्तर प्रदेश संस्कृत विभाग की ओर से आए कलाकारों ने मेले में चौपाल पर नटौरी नृत्य से रंग जमाया। अमेठी से आए कलाकारों ने छोटी चौपाल पर नृत्य प्रस्तुति से दर्शकों को भक्ति रस में डुबो दिया।

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surajkund mela - फोटो : अमर उजाला
भगवान कृष्ण पर आधारित कलाकारों की यह प्रस्तुति उल्लास और उमंग से भरपूर थी। एक तरफ चौपाल पर सांस्कृतिक रंगों पर बिखरती महक ने दर्शकों को आकर्षित किया तो वहीं दिल्ली गेट पर बनारस के घाटों पर खासी रौनक नजर आई। जगह-जगह स्टालों पर खरीदारी को भी लोग जुटे हुए थे। 
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surajkund mela - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश पर्यटन निगम के सूचना केंद्र के पास जैसे ही ढोल-नगाड़े बजने शुरू हुए, वहां बड़ी संख्या में युवा जुट गए। मेले में दिल्ली के पीजीडीएवी कॉलेज से आए छात्रों का ग्रुप में शामिल गौरव, सुनील, मोनिका, संगीता, संजय, अरुण, रश्मि, नीतू, रिचा व उनकी टोली ढोलों की थाप पर जमकर थिरके।
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surajkund mela - फोटो : अमर उजाला
ओल्ड फरीदाबाद से आई राधिका, मानसवी, मोनिष्का भी अपनी सहेलियों के साथ डांस करने लगीं। देखते ही देखते युवाओं के कई समूह पहुंचे गए और करीब डेढ़ घंटे तक सड़क पर ही भंगड़ा करते रहे। 
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surajkund mela - फोटो : अमर उजाला
मेले में सोनीपत के गोहाना का जलेबा दर्शकों को अनायास ही अपनी ओर खींच लेता है। जलेबी तो सभी ने खाई होगी, मगर जलेबा पढ़कर सभी के कदम उसका स्वाद लेने के लिए स्टॉल की तरफ बढ़ जाते हैं। इस बार मेले में जलेबा की 6 दुकानें लगी हैं। 250 ग्राम भार वाले एक जलेबा की कीमत इस बार 90 रुपये है।
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surajkund mela - फोटो : अमर उजाला
​गोहाना का जलेबा देशी घी में बनता है, जलेबी से आकार में तीन-चार गुना बड़ा होता है। इसमें किसी प्रकार का कोई रंग या रसायन नहीं डाला जाता। बड़े आकार की जलेबी ज्यादा समय तक गरम रहती है। ऐसे में मेले में आने वाले गर्मा-गर्म दूध के साथ जलेबा खाने से खुद को रोक नहीं पाते हैं। बहुत से लोग तो इसे पैक करवाकर भी ले जा रहे हैं। 
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