दिल्ली के विजय विहार और द्वारका स्थित आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में लड़कियों को बंधक बनाने और उसके साथ यौन शोषण करने का खुलासा होने के बाद यहां रह रही लड़कियों के परिजन आश्रम पहुंचने लगे हैं। अय्याश बाबा के आश्रम से निकली एक लड़की ने नया खुलासा करते हुए बताया है कि कैसे बाबा लड़कियों को अपनी सेक्स जेल में रहने के लिए अपने वश में करता था...
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baba virendra dev dixit
- फोटो : अमर उजाला
वह अपनी बेटियों से मिलकर उसे अपने साथ ले जाना चाहते हैं। लेकिन कड़ी चौकसी में उन्हें अपनी बेटी से पांच मिनट मिलने की अनुमति दी जा रही है। साथ ही कहा जा रहा है कि उसकी बेटी अब उनके साथ नहीं जाएगी।
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बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित का आध्यात्मिक विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
रीवा से विजय विहार स्थित आश्रम आयी एक महिला को अपनी बेटी से मिलने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। आश्रम के भीतर जाने के बाद उसने अपनी बेटी को साथ चलने के लिए कहा लेकिन आश्रम में रहने वाली महिलाओं ने कहा कि वह अब उसके साथ नहीं जाएगी।
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baba virendra dev dixit
- फोटो : अमर उजाला
पांच मिनट बाद ही महिला आश्रम से बाहर आयी और रोने लगी। उसने आरोप लगाया कि वशीकरण कर उसकी बेटी के दिमाग पर कब्जा कर लिया गया है। उसने बताया कि जब वह अपनी बेटी से मिल रही थी, तो आश्रम की 20-25 महिलाओं ने उसे घेर रखा था और उसे ज्यादा बात नहीं करने के लिए कह रही थीं।
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baba virendra dev dixit
- फोटो : ANI
वहीं यहां पहुंचे कई परिजनों को अपनी बेटी से मिलने का मौका भी नहीं मिला। उनसे कहा गया कि उनकी बेटी इस आश्रम में नहीं है। उसके बाद से परिजन इधर उधर भटक रहे हैं। आश्रम में रहने वाली एक लड़की के पिता का कहना है कि अपनी बेटी से उसने कहा कि उन्होंने उसे आश्रम में समर्पित किया था। लेकिन वह अब उसे ले जाना चाहते हैं। लेकिन उनकी बेटी ने जाने से इंकार कर दिया। पिता का आरोप है कि वीरेंद्र देव दीक्षित लड़कियों को गाय बताता है और वह परिजनों को कहता है कि गाय को कटने न दें। उसका कहने का मतलब है कि लड़कियों की शादी न करें।
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बस्ती का आश्रम जहां बाबा पर रेप का आरोप लगा है
- फोटो : ANI
अपनी आपबीती लिखवाकर करता था लड़कियों को वश में
आश्रम से निकली एक पीड़िता ने खुलासा किया है कि बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित यहां आने वाली लड़कियों से एक सप्ताह बाद अपने उपर हुए अत्याचार के बारे में एक पत्र लिखवाता है। जिसे लिखकर लड़कियां बाबा के चंगुल में फंस जाती है। विरोध करने वाली लड़कियों को उस पत्र को सार्वजनिक करने की धमकी दी जाती है। जिसकी वजह से वह चाहकर भी बाबा के खिलाफ कुछ नहीं बोल पाती है।
लोगों की नजर आश्रम पर टिकी रही
शुक्रवार रात व शनिवार को मोहन गार्डन स्थित आश्रम पर छापेमारी के बाद रविवार को स्थानीय लोगों की नजर आश्रम पर टिकी रही। आश्रम के बाहर लोगों की भीड़ जमी रही और छापेमारी को लेकर चर्चा करते रहे। लोगों को उम्मीद थी कि एक बार फिर आश्रम पर छापेमारी हो सकती है। यहां मौजूद लोग आश्रम के साथ-साथ उन परिजनों को भी इसके लिए जिम्मेदार मानते हैं जो अपने बच्चों को स्कूल भेजने के बदले ऐसे आश्रमों में भेजते हैं। लोगों का कहना था कि सरकार को कुछ कड़े कानून बनाने चाहिए। जिससे ऐसे आश्रमों पर रोक लग सके। साथ ही उनका कहना था कि यहां रहने वाली सभी लड़कियों की पहचान सुनिश्चित करनी चाहिए। लोगों के मुताबिक अभी तक आठ आश्रमों की बात सामने आयी है लेकिन चोरी छुपे ऐसे कई आश्रम चल रहे हैं। जिसपर कार्रवाई करने की सख्त जरूरत है।