ऑन डिमांड एनसीआर से 1000 से ज्यादा लग्जरी कारें चोरी कर मणिपुर में बेचने वाले अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का थाना सेक्टर-39 पुलिस ने खुलासा किया है। ये गिरोह मणिपुर में चोरी के वाहन का फर्जी पेपर तैयार कर उसे हवाई जहाज से यहां भेजता था। पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके दो साथी फरार होने में कामयाब रहे। एनसीआर से लेकर मणिपुर तक इस गिरोह में 24 से ज्यादा सदस्य जुड़े हैं।
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एएसपी अमित कुमार ने बताया कि गिरफ्तार वाहन चोर की पहचान संभल निवासी अरकान के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे चेकिंग के दौरान सोमवार सुबह सेक्टर-44 से गिरफ्तार किया है। उसकी निशानदेही पर पुलिस को चोरी की एक स्विफ्ट कार, तीन बाइक और एक स्कूटी बरामद हुई है। उसके खिलाफ एनसीआर के कई थानों में पहले से कुल 31 मामले दर्ज हैं। ज्यादातर मामले वाहन चोरी के हैं। इसके फरार साथियों की पहचान संभल निवासी आसिफ और मुरादाबाद निवासी परवेज के रूप में हुई है।
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एएसपी ने बताया कि अरकान वर्ष 2008 से अपराध कर रहा है। वह पहले लूटपाट करता था। उस पर संभल में 20 लाख रुपये की एक डकैती और एक हत्या के प्रयास समेत लूट के भी कुछ मामले दर्ज हैं। वर्ष 2012 में दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। तिहाड़ जेल में उसकी मुलाकात मणिपुर से वाहन चोर गिरोह के गैंग लीडर से हुई। इसके बाद अरकान ने एनसीआर में अपना गैंग बनाकर वाहन चोरी शुरू कर दी।
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पुलिस की गिरफ्त में चोर
ये पूरा गिरोह मणिपुर से संचालित होता है। मणिपुर से ही इन्हें गाड़ियां चुराने के लिए डिमांड आती हैं। साथ ही चोरी हो चुकी गाड़ी के फर्जी पेपर भी मणिपुर से ही हवाई जहाज से एक सदस्य लेकर आता था। फिर ये गिरोह सड़क मार्ग से चोरी के वाहन को आसानी से मणिपुर ले जाता था। मणिपुर में ये लोग फर्जी पेपर दिखाकर आसानी से कार किसी को बेच देते थे। ये गिरोह विशेष तौर से नई या कम चली हुई गाड़ियों को चोरी करता है, ताकि उन्हें अच्छी कीमत मिल सके।
गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि चोर बाजार में सबसे ज्यादा मांग स्विफ्ट और क्रेटा कार की है। इन दोनों कारों की रीसेल वैल्यू अच्छी होने के कारण आसानी से इनके खरीदार मिल जाते हैं। स्विफ्ट कार ये लोग दो से ढाई लाख रुपये और क्रेटा कार को साढ़े तीन से चार लाख रुपये में बेच देते थे। थाना सेक्टर-39 पुलिस ने ही 7 नवंबर 2017 को भी इसी तरह का एक वाहन चोर गिरोह पकड़ा था, जो दिल्ली एनसीआर से वाहन चोरी कर मणिपुर समेत नार्थ ईस्ट में बेचता था।