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बेहद अनोखी है मुलायम सिंह यादव की लव स्टोरी, जानिए साधना गुप्ता ने कैसे जीता था दिल

Wed, 13 Feb 2019 07:43 PM IST
विजय जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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mulayam singh - फोटो : अमर उजाला
14 फरवरी(14 February) को दुनिया भर के प्रेमी जोड़े वैलेंटाइन डे(Valentine Day) मनाएंगे। प्यार करने वालों के लिए ये दिन काफी खास होता है। प्यार के किस्से हमेशा ही लुभाते हैं, ऐसे में कुछ बगावती किस्से भी होते हैं जो प्रेमी जोड़ों के लिए मिसाल होते हैं।
हिंदुस्तान की राजनीति में भी कई ऐसे राजनेता रहे हैं जिन्होंने इश्क किया है और उसे जमाने से बिना डेर अंजाम तक पुहंचाया है। सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव भी ऐसे ही नेता रहे हैं। उनकी लव स्टोरी इतनी अनोखी है कि हर किसी को लुभाती है। पढ़ें उनकी प्रेम कहानी... 
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mulayam singh - फोटो : अमर उजाला
कहते हैं मुलायम सिंह का राजनीतिक सितारा जब बुलंदियों पर था तो साधना गुप्ता उनकी जिंदगी में आई थी। दोनों की मुलाकात 1982 में उस दौरान हुई जब मुलायम लोकदल के अध्यक्ष बने थे। उस वक्त साधना पार्टी में महज एक कार्यकर्ता के बतौर काम कर रही थी। बेहद खूबसूरत और तीखे नैन-नक्श वाली साधना पर जब मुलायम की नजर पड़ी तो वह भी बस उन्हें देखते रह गए। अपनी उम्र से 20 साल छोटी साधना को पहली ही नजर में मुलायम दिल दे बैठे थे। मुलायम पहले से ही शादीशुदा थे और साधना भी। साधना की शादी फर्रुखाबाद के छोटे से व्यापारी चुंद्रप्रकाश गुप्ता से हुई थी लेकिन बाद में वह उनसे अलग हो गईं। इसके बाद शुरू हुई मुलायम और साधना की अनोखी प्रेम कहानी। 
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mulayam singh - फोटो : सोशल मीडिया
80 के दशक में साधना और मुलायम की प्रेम कहानी की भनक अमर सिंह के अलावा और किसी को नहीं थी।  इसी दौरान 1988 में साधना ने एक पुत्र प्रतीक को जन्म दिया। कहते हैं कि साधना गुप्ता के साथ प्रेम संबंध की भनक मुलायम की पहली पत्नी और अखिलेश की मां मालती देवी को लग गई। मालती देवी के निधन के बाद साधना ने मुलायम पर उन्हें अपनी आधिकारिक पत्नी घोषित करने का दबाव बनाया, लेकिन पारिवारिक ख़ासकर अखिलेश यादव के चलते मुलायम इस रिश्ते को नाम देने से पीछे हट गए। 

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mulayam singh - फोटो : सोशल मीडिया
नब्बे के दशक में जब मुलायम मुख्यमंत्री बने तो धीरे-धीरे बात फैलने लगी कि उनकी दो पत्नियां हैं लेकिन किसी की मुंह खोलने की हिम्मत ही नहीं पड़ती थी। इसके बाद 90 के दशक के अंतिम दौर में अखिलेश को साधना गुप्ता और प्रतीक गुप्ता के बारे में पता चला। कहते हैं कि उस समय मुलायम साधना गुप्ता की हर बात मानते थे। 
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mulayam singh - फोटो : सोशल मीडिया
1993-2007 के दौरान मुलायम के शासन में साधना गुप्ता ने अकूत संपत्ति बनाई। आय से अधिक संपत्ति का उनका केस आयकर विभाग के पास लंबित है। साल 2003 में अखिलेश की मां मालती देवी की बीमारी से निधन हो गया और मुलायम का सारा ध्यान साधना गुप्ता पर आ गया। हालांकि, मुलायम अब भी इस रिश्ते को स्वीकार करने की स्थिति में नहीं थे। मुलायम और साधना के संबंध की जानकारी मुलायम परिवार के अलावा अमर सिंह को थी। मालती देवी के निधन के बाद साधना चाहने लगी कि मुलायम उन्हें अपना आधिकारिक पत्नी मान लें, लेकिन पारिवारिक दबाव, ख़ासकर अखिलेश यादव के चलते मुलायम इस रिश्ते को कोई नाम नहीं देना चहते थे।
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संसद में मुलायम सिंह यादव ने कहा- फिर पीएम बनें मोदी - फोटो : एएनआई
2006 में साधना अमर सिंह से मिलने लगीं और उनसे आग्रह करने लगीं कि वह नेताजी को मनाएं। अमर सिंह नेताजी को साधना गुप्ता और प्रतीक गुप्ता को अपनाने के लिए मनाने लगे। साल 2007 में अमर सिंह ने सार्वजनिक मंच से मुलायम से साधना को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार करने का आग्रह किया और इस बार मुलायम उनकी बात मानने के लिए तैयार हो गए लेकिन अखिलेश इसके लिए कतई तैयार नहीं थे। 
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