वह आगे बोला, 'मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है। मेरी दो बेटियां हैं और मुझे छोड़ दिया जाए।’ इस पर जज शर्मा ने कहा, ‘आपका परिवार है। हर किसी का है। आपको यह सब अपराध करते समय सोचना चाहिए था, लेकिन आपने सभी कानूनों को तोड़ा। अब आप हर चीज को ना कहेंगे? आपको पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है और आप अपनी संलिप्तता से इनकार नहीं कर सकते, क्योंकि रिकॉर्ड से साफ पता चलता है कि जब पीड़िता के पिता की हिरासत में पिटाई हो रही थी तो पुलिस अधिकारियों से फोन पर आपकी बातचीत हो रही थी।’