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एक के बाद एक जब दो लोगों ने यहां गंवाई जान तो इस रहस्य को जानने के लिए पहुंची पुलिस

Sat, 15 Apr 2017 06:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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sewage treatment plant - फोटो : अमर उजाला
नोएडा सेक्टर 54 की मास्टर ग्रीन बेल्ट में जब एक ही जगह ग‌िरने से दो लोगों की मौत हो गई तब जाकर पुलिस वहां पहुंची। हैरान करने वाली बात तो ये है कि वहां मरने वाले एक शख्स की लाश अब भी तलाशी जा रही है। (सभी फोटोः राजन राय/अमर उजाला)
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sewage treatment plant - फोटो : राजन राय/अमर उजाला
सेक्टर-54 की मास्टर ग्रीन बेल्ट स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में गिरने से शुक्रवार शाम दो युवकों की मौत हो गई। एक युवक को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जबकि दूसरे युवक का शव तलाशा जा रहा है। प्राधिकरण ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही, एसटीपी पर काम कर रहे ठेकेदार सुनील की तरफ से मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है।
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sewage treatment plant - फोटो : राजन राय/अमर उजाला
पुलिस के अनुसार, सेक्टर-54 एसटीपी में प्राधिकरण द्वारा ठेके पर कुछ काम कराया जा रहा है। काम के दौरान रांची निवासी मुकुंद डेरिया का पैर सीढ़ियों से फिसला और वह सीवेज से भरे ऑक्सीडेशन पोंड में गिर गया। वहां काम कर रहा साथी रांची निवासी बेतुआ उसे बचाने के लिए तेजी में सीढ़ियों से नीचे उतर रहा था। इसी दौरान वह भी फिसलकर गिर गया।

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sewage treatment plant - फोटो : अमर उजाला
साथियों ने बेतुआ को तुरंत बाहर निकाल लिया, लेकिन मुकुंद को नहीं निकाला जा सका। वहीं, बेतुआ को बाहर निकालने के बावजूद उसे तत्काल अस्पताल नहीं ले जाया गया। थोड़ी देर में उसकी हालत खराब हुई तो वह बेहोश हो गया।
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sewage treatment plant - फोटो : राजन राय/अमर उजाला
उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस और प्राधिकरण अधिकारियों को हादसे की सूचना दी गई। थाना सेक्टर-24 पुलिस और प्राधिकरण के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
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sewage treatment plant - फोटो : राजन राय/अमर उजाला
थाना सेक्टर-24 प्रभारी निरीक्षक विनय प्रकाश सिंह ने बताया कि मुकुंद को ऑक्सीडेशन पोंड में तलाशा जा रहा है। हादसे की जांच की जा रही है। पोंड में नीचे उतरने के लिए ट्रॉली भी लगी है, फिर भी कर्मचारी सीढ़ी से उतर रहे थे। फिलहाल, हादसे की कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है।
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sewage treatment plant - फोटो : राजन राय/अमर उजाला
10 लाख रुपये दिया जाएगा मुआवजा : डीसीईओ
नोएडा प्राधिकरण के डीसीईओ सौम्य श्रीवास्तव ने बताया कि चीफ इंजीनियर को हादसे की जांच के लिए आदेश दिए गए हैं। ठेकेदार द्वारा मृतकों को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिलाया जाएगा। ठेकेदार ने मृतकों की उम्र 21 व 23 साल बताई है जबकि इनके साथियों ने दोनों के नाबालिग होने का आरोप लगाया है। इसकी भी जांच हो रही है कि कर्मचारी बालिग हैं या नाबालिग।
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sewage treatment plant - फोटो : राजन राय/अमर उजाला
ये सावधानी बरती चाहिए
सीवर से जहरीली गैस निकलती है। इसकी वजह से पहले भी कई की मौत हो चुकी है। हर हादसे के बाद प्राधिकरण जांच का आदेश देता है और फिर भी कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं की जाती है। सीवर के आसपास काम करने के लिए मास्क सबसे अहम है। इसके अलावा सीवर में उतरने के लिए सेफ्टी बेल्ट और पर्याप्त रोशनी आवश्यक है। यहां भी अगर सेफ्टी बेल्ट का प्रयोग किया जाता तो दोनों कर्मचारी सीढ़ियों से फिसलकर ऑक्सीडेशन पोंड में नहीं गिरते। काम के दौरान सुरक्षा का बंदोबस्त ठेकेदार द्वारा कराया जाना अनिवार्य है।
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