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डूसू छात्रसंघ अध्यक्ष रॉकी पर टूटा मुसीबतों का पहाड़, सामने आए 2014 के क्रिमिनल रिकॉर्ड

Wed, 20 Sep 2017 08:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नर्ई दिल्ली
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demo pic - फोटो : अमर उजाला
चुनाव प्रचार के लिये सार्वजनिक व निजी संपत्ति को गंदा करने के मामले में पेश न होने पर हाईकोर्ट ने डूसू अध्यक्ष रॉकी तुषीड को कड़ी फटाकर लगाई है। कोर्ट ने कहा छात्र नेता भविष्य के नेता है उनके व्यवहार से क्या संदेश जनता के बीच जायेगा। हाईकोर्ट ने कहा दीवाली के मौके पर राजधानी बदरंग नहीं होनी चाहिये। इसलिये सभी पोस्टर व पेंट को हटाने के लिये छात्र नेता कार्यो योजना बनाकर पेश करें। कोर्ट ने दोबारा नोटिस जारी सभी छात्रों को पेश होने का निर्देश दिया है।
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डूसू चुनाव - फोटो : अमर उजाला
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल व न्यायाधीश सी. हरि शंकर की खंडपीठ ने रॉकी समेत अन्य छात्र नेताओं को फटकार लगाते हुये एक सप्ताह के भीतर कार्य योजना मांगी है किस तरह और कब तक पोस्टर व दूसरी प्रचार सामग्री को हटा दिया जायेगा। याचिका पर सुनवाई के लिये कोर्ट ने 16 अक्तूबर की तारीख तय की है। कोर्ट ने रॉकी तुषीड, अंकिव बसोया, मीनाक्षी मीणा, सुधीर समेत एक दर्जन से ज्यादा छात्रों को 11 सितंबर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था कि क्यों न उन पर दिल्ली मेट्रो रेल कोरपोरेशन (डीएमआरसी) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाये। यह नोटिस दिल्ली विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन के बाहर लगे पोस्टरों व ग्रेफिटी (स्प्रे पेंट कला) की तस्वीरें देखने के बाद जारी किया था।
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रॉकी तुषीड - फोटो : अमर उजाला
डूसू छात्र संघ अध्यक्ष की ओर से अधिवक्ता अमन पवार ने कहा कि प्रचार सामग्री हटाने के बारे में वह छात्रों से चर्चा करेंगे। कोर्ट ने कहा कि डीएमआरसी एक्ट के तहत इस मामले में दस साल तक की सजा हो सकती है। क्या आप चाहते हैं कि यह कार्रवाई की जाये। हम कड़ी कार्रवाई करना नहीं चाहते लेकिन इस तरह नहीं चलेगा। याचिकाकर्ता प्रशांत मनचंदा का कहना था कि डूसू चुनावों में छात्र नेताओं ने दिल्ली विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन पर पोस्टरों के अलावा स्प्रे पेंट से दीवारों को रंग दिया है। दीवारों से पोस्टरों को हटाया जा सकता है लेकिन पेंट को साफ नहीं किया जा सकता। इन दीवारों या टाइलों को तोडना पड़ेगा। इस मामले में अन्य याचिकाकर्ता अधिवक्ता साहिल शर्मा ने कहा कि इन छात्रों का चुनाव रद होना चाहिये क्योंकि इन्होंने नियमों का उल्लंघन किया है।

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dusu election - फोटो : अमर उजाला
डूसू अध्यक्ष रॉकी तुषीड की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एबीवीपी के उम्मीदवार रजत चौधरी ने रॉकी पर नामांकन पत्र में सही व पूरी जानकारी न देने का आरोप लगाया है। हाईकोर्ट ने इस अर्जी पर रॉकी को नोटिस जारी कर 15 नवंबर तक जवाब मांगा है। जस्टिस इंदरमीत कौर के समक्ष अर्जी दायर कर रजत चौधरी ने कहा कि रॉकी ने नियमों का उल्लंघन कर चुनाव जीता है।
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डूसू चुनाव - फोटो : अमर उजाला
कोर्ट के समक्ष अधिवक्ता सुमन चौहान ने कहा कि रॉकी के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने 2014 में एफआईआर दर्ज की थी। इस मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। रॉकी दो बार फेल हो चुका है और इस कारण उसने एमए बुद्घिस्ट स्टडीज में दाखिला रद्द करवा था। उसने दोबारा दाखिला लिया था। यह सारे तथ्यों का रॉकी ने नामांकन पत्र में उल्लेख नहीं किया है। इसके मद्देनजर उसके पक्ष में दिए गए आठ व 12 अगस्त के आदेश रद्द किए जाएं।
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डूसू चुनाव - फोटो : अमर उजाला
दूसरी ओर रॉकी तुषीड के अधिवक्ता ने कहा कि रॉकी पर केवल एफआईआर है उसे दोषी नहीं ठहराया गया गया है। इस तथ्य को उसके खिलाफ इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। दरअसल, डूसू छात्रसंघ अध्यक्ष रॉकी का नामांकन डीयू चुनाव अधिकारी ने रद्द कर दिया था। इसके खिलाफ रॉकी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके बाद उसे चुनाव लड़ने की अनुमति दे दी गई थी। 
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