तुगलकाबाद में भीषण आग
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छत का गेट भी था बंद, तोड़कर बनाया गया रास्ता
स्थानीय निवासी रेनू भूटानी और उनके बेटे मानव भूटानी ने राहत कार्य में अहम भूमिका निभाई। रेनू के मुताबिक, जब वह मौके पर पहुंचीं तो पूरी इमारत धुएं से घिरी हुई थी। भूतल पर सीढ़ियों के पास खड़े सात मोटरसाइकिल, एक इलेक्ट्रिक स्कूटर और एक साइकिल आग की चपेट में आ चुके थे। मुख्य रास्ते से अंदर जाना संभव नहीं था, इसलिए स्थानीय लोग इमारत के पीछे पहुंचे और छत के रास्ते लोगों तक पहुंचने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार छत का गेट भी बंद था और उस पर ताला लगा हुआ था। आग की भीषण गर्मी से लोहे का गेट क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद उसे तोड़कर रास्ता बनाया गया और बचाव अभियान शुरू किया गया।