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पूरी दुनिया जानेगी अब छोटी सी गुड़िया की मासूम कहानी, दुनियाभर के डॉक्टर करेंगे स्टडी

Fri, 30 Aug 2019 09:46 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मासूम बच्ची के साथ उसकी गुड़िया - फोटो : अमर उजाला
सुनो छोटी सी गुड़िया की नन्ही कहानी...सच में एक ऐसी मासूम कहानी जो आज पूरे देश में सोशल मीडिया के माध्यम से वायरल हो गई। अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में एक मासूम बच्ची की खबर फोटो के साथ प्रकाशित की थी। जिसमें उस मासूम बच्ची की जिद थी कि उसकी गुड़िया के पैरों पर प्लास्टर चढ़ाया जाए फिर उसके बेड पर ही उसको लिटाया जाए। 

डॉक्टरों ने उनकी जिद को पूरा किया तब उसका ऑपरेशन हुआ। इस केस में चाइल्ड सायकोलॉजी को अब इंटरनेशनल जर्नल ऑफ पीडियाट्रिक आर्थोपेडिक जर्नल्स समेत इंटरनेशनल जर्नल ऑफ पीडियाट्रिक्स में भी बतौर केस स्टडी रखा जाएगा। ताकि देश विदेश में बच्चों के इलाज को इस तरह से भी आसान बनाया जा सके। 
 
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दिल्ली के इस केस में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने डॉक्टरों की प्रशंसा की और देश भर से लोगों ने सोशल मीडिया पर डॉक्टरों समेत मासूमियत वाली तस्वीर को वायरल किया। दरअसल दरियागंज निवासी फरीन दो सप्ताह पहले अपनी 11 माह की बेटी जकिरा को लेकर लोकनायक अस्पताल पहुंची थी। पैर में फ्रैक्चर होने के कारण दर्द से बैचेन बच्ची चिल्ला रही थी, डॉक्टर तो दूर उसकी मां भी बच्ची पर नियंत्रण नहीं कर पा रही थीं। 

आखिर में मां ने डॉक्टर को उसकी गुड़िया घर से लाने का सुझाव दिया। ये गुड़िया जकिरा के साथ हरदम रहती है वह इसे अपना दोस्त समझती है। गुड़िया को अस्पताल में देख जकिरा शांत तो हो गई, लेकिन ऑर्थो ब्लॉक के 16 नंबर बिस्तर पर लेटना उसे पसंद नहीं था। उस वक्त डॉक्टरों के मन में ख्याल आया और उन्होंने गुड़िया को पट्टी बांधना शुरू कर दिया ये देख जकिरा खुश हुई और फिर अपनी गुड़िया को गले लगाकर चुपचाप बिस्तर पर लेटी रही। ये देख सब हैरान हुए, लेकिन डॉक्टर भलीभांति जानते थे इस बाल मनोविज्ञान के बारे में। 
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मासूम बच्ची अपनी गुड़िया के साथ अस्पताल में भर्ती - फोटो : अमर उजाला
बाल मनोविज्ञान का सबसे बड़ा उदाहरण बनी जकिरा
अस्पताल के हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अजय गुप्ता का कहना है कि किसी भी तरह की चोट लगने या बीमार होने पर मासूम बच्चे अस्पताल में आने के बाद एक तरह से ट्रामा स्थिति में होते हैं। चूंकि ये अपनी भावनाएं जाहिर भी नहीं कर सकते, ऐसे में बाल मनोविज्ञान काफी हद तक काम आता है। ऐसा पूरी दुनिया में कई शोध व अध्ययन के रूप में साबित भी हुआ है। हालांकि इस बच्ची जैसे केस शायद ही देखने को मिलें। इसीलिए मेडिकल साइंस में अब इसे बेबी जकिरा केस के नाम से जाना जाएगा। डॉक्टरों ने इसे एक अध्ययन का रूप देने और दुनिया भर के मंच पर ले जाने की तैयारी की है। दुनिया भर में बाल रोग से जुड़े विशेषज्ञ एक मंच पर आकर सालाना अद्भुत केसों को साझा करते हैं। भारत की ओर से भी बेबी जकिरा केस को एक अध्ययन के रूप में रखा जाएगा। इसके अलावा मेडिकल स्टूडेंट्स को भी अब प्रैक्टिल ज्ञान में इस केस को रखा जाएगा। 

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मासूम बच्ची अपनी गुड़िया के साथ अस्पताल में भर्ती - फोटो : अमर उजाला
पूरे देश से आ रहीं डॉक्टरों की सूझबूझ की तारीफ
चोटिल अवस्था में अस्पताल पहुंची जकिरा को नियंत्रण में लाने के लिए उसकी गुडिय़ा का इस्तेमाल करने पर लोकनायक अस्पताल के डॉक्टरों की पूरे देश में तारीफ हो रही है। उनकी सूझबूझ की सराहना से फेसबुक, ट्विटर तक भरे हैं। वॉट्सएप पर वायरल हुई फोटो हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। 

 
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मासूम बच्ची अपनी गुड़िया के साथ अस्पताल में भर्ती - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के सीएम ने दी बधाई
दिल्ली सरकार के अस्पताल की पूरे देश में हो रही सराहना पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी खुशी जाहिर की है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारे डॉक्टरों की ओर से काफी सुखद अनुभव करने वाली खबर मिली है। वास्तव में डॉक्टर जनस्वास्थ्य सिस्टम की रीढ़ हैं। आम लोगों की सेवा करने वाले इन डॉक्टरों को सलाम।
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