दिल्ली के इस केस में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने डॉक्टरों की प्रशंसा की और देश भर से लोगों ने सोशल मीडिया पर डॉक्टरों समेत मासूमियत वाली तस्वीर को वायरल किया। दरअसल दरियागंज निवासी फरीन दो सप्ताह पहले अपनी 11 माह की बेटी जकिरा को लेकर लोकनायक अस्पताल पहुंची थी। पैर में फ्रैक्चर होने के कारण दर्द से बैचेन बच्ची चिल्ला रही थी, डॉक्टर तो दूर उसकी मां भी बच्ची पर नियंत्रण नहीं कर पा रही थीं।
आखिर में मां ने डॉक्टर को उसकी गुड़िया घर से लाने का सुझाव दिया। ये गुड़िया जकिरा के साथ हरदम रहती है वह इसे अपना दोस्त समझती है। गुड़िया को अस्पताल में देख जकिरा शांत तो हो गई, लेकिन ऑर्थो ब्लॉक के 16 नंबर बिस्तर पर लेटना उसे पसंद नहीं था। उस वक्त डॉक्टरों के मन में ख्याल आया और उन्होंने गुड़िया को पट्टी बांधना शुरू कर दिया ये देख जकिरा खुश हुई और फिर अपनी गुड़िया को गले लगाकर चुपचाप बिस्तर पर लेटी रही। ये देख सब हैरान हुए, लेकिन डॉक्टर भलीभांति जानते थे इस बाल मनोविज्ञान के बारे में।