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Tihar Jail: हाई सिक्योरिटी सेल से गैंगस्टरों का बाहर आना मुश्किल, मूसेवाला की हत्या के खुलासे के बाद ऐसी है सुरक्षा

Sun, 03 Jul 2022 10:30 PM IST
अनुराग सक्सेना राजीव कुमार, नई दिल्ली
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तिहाड़ जेल - फोटो : amar ujala
पंजाबी सिंगर सिद्धू मुसेवाला की हत्या में तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की संलिप्ता सामने आने के बाद अब हाई सिक्योरिटी सेल में बंद गैंगस्टरों का अपने सेल से बाहर आना मुश्किल हो गया है। तिहाड़ जेल में बंद 30 से अधिक गैंगस्टरों को एक जेल से दूसरे जेल में शिफ्ट करने के बाद उनके सेल की निगरानी कड़ी कर दी है। उसके सेल के चप्पे चप्पे की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और सुरक्षाकर्मी भी उन पर पैनी नजर रख रहे हैं। साथ ही सभी सेल में जैमर लगा दिए गए हैं। ताकि जेल में मोबाइल की उपलब्धता के बावजूद वह उसका इस्तेमाल न कर सके।
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लॉरेंस बिश्नोई - फोटो : अमर उजाला
सेल में लगे सीसीटीवी कैमरों की जेल के अलावा मुख्यालय में भी मॉनिटरिंग की जा रही है। जेल नियमावली में दिए गए अधिकार के तहत उनके सेल के पास ही वीडियो कांफ्रेंसिग की व्यवस्था की गई है, ताकि वह इधर उधर न जा सकें। 
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lawrence bishnoi
जेल के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि सेल से गैंगस्टरों के अपने सेल से बाहर आने की स्थिति में भी ऐसी व्यवस्था की गई है कि वह दूसरे कैदियों से मुलाकात नहीं कर सकें। उनके बाहर आने के दौरान अन्य कैदियों को अपने सेल से निकलने की इजाजत नहीं है। 

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तिहाड़ जेल - फोटो : ANI
जेल अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा समय में तिहाड़, रोहिणी और मंडोली जेलों में बंद गैंगस्टरों की संख्या सौ से अधिक है। इनमें दिल्ली के अधिकतर बड़े-बड़े गैंग के सरगना हैं, जिनमें नीरज बवानिया, मंजीत महाल, लॉरेंस बिश्नोई, काला जठेड़ी, छेनू पहलवान, नासिर, टिल्लू ताजपुरिया, सुनील राठी, हाशिम बाबा, राहुल, वीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ काला राणा, रवि सहित अन्य शामिल हैं। 

पंजाबी सिंगर सिद्धू मुसेवाला की हत्या में तिहाड़ जेल में बंद लॉरेस बिश्नोई की संलिप्तता आने के बाद तिहाड़ जेल की सुरक्षा को लेकर काफी किरकिरी हुई थी। उसके बाद जेल प्रशासन ने गैंगस्टरों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने का फैसला किया। गैंगस्टरों को उनके गैंग के सदस्यों से अलग-थलग करने का फैसला लिया गया।
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Lawrence Bishnoi-Sidhu Moose Wala - फोटो : Social Media
सबसे पहले ऐसे गैंगस्टरों की लिस्ट तैयार की गई। उसके बाद करीब 30 गैंगस्टरों की जेल बदली गई। इन गैंगस्टरों को तिहाड़ जेल के छह हाई सिक्योरिटी सेल में भेजा गया है। हर एक सेल के आस पास चप्पे चप्पे पर नजर रखने के लिए पांच सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इसके अलावा इनकी सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ और आईटीबीपी के जवान को निगरानी के लिए तैनात किया गया है। अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि गैंगस्टरों के सेल की एक नियमित अंतराल पर तलाशी ली जाती है और उसके लिए स्वान दस्ता का भी सहयोग लिया जा रहा है।
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कैदियों के गेंद को लपकने के लिए लगाया जा रहा है जाल

तिहाड़ जेल में कैदियों के गेंद को लपकने के लिए जाल लगाया जा रहा है। दरअसल कैदियों को मोबाइल, तंबाकू और ड्रग्स उपलब्ध करवाने के लिए बाहर से गेंद बनाकर फेंका जाता है, जिसे कैदी अपनी सेल से निकलने के बाद हासिल कर लेते हैं। तिहाड़ जेल प्रशासन के मुताबिक तिहाड़ के जेल संख्या एक, तीन, चार, आठ और नौ में जाल लगाने का काम शुरू कर दिया गया है।
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दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से जाल लगाने का काम किया जा रहा है। जेल अधिकारियों का कहना है कि जेल के चाहरदीवारी के बाहर से मोबाइल, तंबाकू और ड्रग्स को टेप लगाकर गेंदनुमा बनाया जाता है और फिर उसे अंदर फेंका जाता है। जेल के एक हिस्से में एक जाल लगाकर इसका ट्रायल किया गया था। ट्रायल कामयाब होने के बाद अब इसे जेलों में लगाया जा रहा है।
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