साल के आखिरी सुपरमून को इस पूर्णिमा पर देखने की बेताबी लोगों को लंबे समय से थी। रोमांच भी था। इंडिया गेट से सुपरमून का नजारा अद्भुत रहा। लगा कि चांद धरती पर उतर रहा है।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 5
इस सुपर मून को सुपर फ्लॉवर मून (Super Flower Moon) भी कहा जाता है। सुपरमून पृथ्वी से दिखाई देने वाला चंद्रमा का एक बड़ा आकार है। कई बार यह पृथ्वी के काफी पास तक आ जाता है, जिससे हमें उसका आकार सामान्य से बड़ा दिखाई देता है। यदि पूर्णिमा तिथि के दिन ऐसा हो तो इसे सुपरमून के नाम से जाना जाता है।
विज्ञापन
3 of 5
जिस दिन पूर्णिमा (Full Moon) हो और चंद्रमा पृथ्वी के सबसे निकटतम बिंदू पर हो तो ऐसे में सुपरमून की स्थिति बनती है। दौरान चंद्रमा और पृथ्वी के बीच की दूरी तकरीबन 23 हजार किलोमीटर कम होने से चांद 14 फीसदी बड़ा और 30 फीसदी ज्यादा चमकदार नजर आता है।
4 of 5
खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार सुपरमून में चंद्रमा तकरीबन 30 फीसदी अधिक चमकीला नजर आता है और लगभग 14 प्रतिशत अपने सामान्य आकार से बड़ा दिखाई देता है। परंतु वास्तव में चंद्रमा का आकार बड़ा नहीं होता है, बल्कि पृथ्वी से इसकी निकटता के कारण ऐसा प्रतीत होता है।
मई में पड़ने वाले सुपरमून को फ्लॉवर मून और अप्रैल में पड़ने वाले सुपरमून को पिंक मून कहा जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि फुल मून का नाम अमेरिकी मौसमों, फूलों और क्षेत्रों के नाम पर रखा गया है जो पहली बार मेन फार्मर एलमैनेक में प्रकाशित हुए थे।