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दर्दनाक: 'पापा बस जल्दी घर पहुंच रहा हूं... पर वो न आया', बेटे अनुराग के आखिरी शब्द; बाप के कानों में गूंज रहे

Thu, 23 Oct 2025 01:40 PM IST
शाहरुख खान शुजात आलम, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली के स्वरूप नगर स्थित जीटी करनाल रोड पर मंगलवार रात करीब डेढ़ बजे हुए एक जबरदस्त हादसे में बुलेट बाइक सवार तीन दोस्तों की मौत हो गई। करीब 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से इनकी बाइक सड़क किनारे लगे जर्सी बैरियर (सीमेंट के बैरियर) से टकरा गई। 
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delhi road accident - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पापा, बस घर पहुंच रहा हूं... देर रात बेटे अनुराग के इन शब्दों के बाद जो हुआ, उसने पूरे परिवार की दुनिया उजाड़ दी। कुछ ही घंटों बाद पिता के फोन पर आई एक अनजान कॉल से खुशहाल परिवार में मातम छा गया। मंगलवार रात जीटी करनाल रोड पर हुए बुलेट हादसे में अनुराग, मोहित और सुमित की मौत हो गई। नांगलोई के रहने वाले तीनों बचपन के दोस्त थे।

अनुराग के पिता गोपाल शर्मा ने करीब 11:45 बजे बेटे को कॉल कर घर आने के लिए कहा था। बेटे के यही आखिरी शब्द अब भी पिता के कानों में गूंज रहे हैं। आधी रात को परिवार भागा-भागा जीटी करनाल रोड पहुंचा तो वहां पुलिस के अलावा भीड़ जमा थी। उस समय तक घायल अनुराग, मोहित और सुमित वहीं पड़े थे। परिवार का आरोप है कि पुलिस तीनों को समय पर अस्पताल भेजती तो शायद उनकी जान बच जाती। 
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हादसे के बाद जलती बुलेट - फोटो : अमर उजाला
मौसा धीरज मिश्रा ने बताया कि अनुराग परिवार के साथ गली नंबर-18, शिवराम पार्क, नांगलोई में रहता था। परिवार में पिता गोपाल शर्मा के अलावा मां किरन शर्मा और छोटा भाई देव शर्मा है। अनुराग रोहिणी की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर डेवलपर की नौकरी कर रहा था। पिता प्राइवेट नौकरी करते हैं। मंगलवार को वह पंजाबी बाग जाने की बात कहकर घर से निकला था। इसके बाद वह मुरथल कैसे पहुंचा परिवार को इसकी जानकारी नहीं है। बेटे की मौत के बाद गोपाल और उनकी पत्नी किरन का रो-रोकर बुरा हाल है। 
 
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मृतकों के घर के बाहर शोकाकुल परिजन और पड़ोसी। - फोटो : अमर उजाला
मोहित परिवार के साथ एच-ब्लॉक, कुंवर सिंह नगर, नांगलोई में रहता था। पिता पूरनचंद की 4 साल पहले मौत हो गई थी। परिवार में दो शादीशुदा बहनें हैं। मोहित किराए के मकान में रहता था और एक एमएनसी में वर्कफ्रॉम होम कर रहा था। बेटे मोहित की मौत के बाद मां बदहवास है। मोहित और अनुराग दोनों चचेरे भाई थे। सुमित का परिवार शिवराम पार्क, नांगलोई में रहता था। 
 

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हादसे में क्षतिग्रस्त बुलेट - फोटो : अमर उजाला
इसके परिवार में पिता मदनलाल के अलावा मां, दो बहनें और एक छोटा भाई राजन है। सुमित के पिता प्राइवेट नौकरी करते हैं। सुमित आईजीएल में पाइप लाइन की मैपिंग का काम करता था। तीनों ही युवक पहले एक ही मोहल्ले में रहते थे और गहरे दोस्त थे। 
 
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इसी जगह हुआ था हादसा - फोटो : अमर उजाला
  • परिजन मौके पर पहुंचे तब तक तीनों युवक वहीं पड़े थे लहूलुहान, सामने ही घायलों को भेजा अस्पताल 
  • परिजनों ने तीनों को देरी से अस्पताल पहुंचाने का पुलिस पर लगाया आरोप, समय से पहुंचते तो शायद बच जाते  
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हादसे में क्षतिग्रस्त बुलेट - फोटो : अमर उजाला
हादसे वाला स्थान ब्लैक स्पॉट फिर भी बरती गई लापरवाही
पेशे से वकील अनुराग के मौसा धीरज मिश्रा ने बताया कि जिस जगह हादसा हुआ, वह स्थान जीटी करनाल रोड का ब्लैक स्पॉट है। बावजूद इसके एनएचएआई की ओर से लापरवाही बरती गई। घटना स्थल पर कोई स्ट्रीट लाइट भी नहीं है। बरसात हुए काफी समय हो चुका है। इसके बावजूद सड़क को समय से रिपेयर नहीं किया गया। टूटी सड़क को जर्सी बैरियर से कवर करने के बाद एनएचएआई ने सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए और मुसीबत खड़ी कर दी। साइन बोर्ड होता तो शायद हादसा न होता। 
 
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दिल्ली में बिना हेलमेट पहने लोग अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रैफिक के बीच से गुजरते हुए - फोटो : अमर उजाला
सड़क पर टायर घिसटने के निशान...
घटना से पहले टायर के रगड़ के निशान मिले हैं। ऐसा लगता है कि टक्कर से पहले बाइक रोकने के लिए ब्रेक लगाने का प्रयास किया गया लेकिन रफ्तार तेज होने की वजह से बैरियर से टकरा गई। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि किसी और वाहन ने तो इनको टक्कर नहीं मारी। 
 

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दिल्ली में बिना हेलमेट पहने लोग अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रैफिक के बीच से गुजरते हुए - फोटो : अमर उजाला
हेलमेट होते तो शायद बच जाती जान...
बाहरी-उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त हरेश्वर स्वामी ने बताया कि हादसे के समय तीनों ही युवकों ने हेलमेट नहीं पहना हुआ था। जांच के दौरान पुलिस को घटना स्थल से हेलमेट बरामद नहीं हुआ है। मामले की छानबीन की जा रही है।
 

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दिल्ली में बिना हेलमेट पहने लोग अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रैफिक के बीच से गुजरते हुए - फोटो : अमर उजाला
100 की रफ्तार से जर्सी बैरियर से टकराई बुलेट बाइक, तीन दोस्तों की मौत
दिल्ली के स्वरूप नगर स्थित जीटी करनाल रोड पर मंगलवार रात करीब डेढ़ बजे हुए एक जबरदस्त हादसे में बुलेट बाइक सवार तीन दोस्तों की मौत हो गई। करीब 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से इनकी बाइक सड़क किनारे लगे जर्सी बैरियर (सीमेंट के बैरियर) से टकरा गई। टक्कर लगते ही बाइक कलाबाजियां खाते हुए दूर जा गिरी और उसमें आग लग गई। सुमित (27), मोहित (26) और चचेरे भाई अनुराग (23) नाम के युवकों ने हेलमेट नहीं पहना था। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीनों को बाबू जगजीवन राम अस्पताल लेकर आईं, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

 

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दिल्ली में बिना हेलमेट पहने लोग अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रैफिक के बीच से गुजरते हुए - फोटो : अमर उजाला
शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला कि तीनों दोस्त नांगलोई के रहने वाले थे और मुरथल में पार्टी करके एक बाइक पर बिना हेलमेट पहने वापस घर लौट रहे थे। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक तीनों ने शराब पी हुई थी या नहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर पता चलेगा। परिजनों ने एनएचएआई पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि जर्सी बैरियर लगाने से पहले यदि साइन बोर्ड लगा होता तो शायद हादसा नहीं होता। पुलिस आरोपों की पड़ताल कर रही है।
 

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मृतक सुमित का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
बाहरी-उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त हरेश्वर स्वामी ने बताया कि सुमित, मोहित और अनुराग अपने परिवारों के साथ शिवराम पार्क, नांगलोई में रहते थे। तीनों बचपन के दोस्त थे। मोहित और अनुराग चचेरे भाई थे। धनतेरस के दिन अनुराग ने नई बाइक खरीदी थी। सुमित और मोहित अनुराग से पार्टी मांग रहे थे। मंगलवार शाम को अचानक मुरथल में पराठे खाने का प्लान बना। रात करीब 10:45 बजे तीनों दोस्त मुरथल के लिए बुलेट बाइक से निकल गए। मुरथल में जमकर पार्टी के बाद आधी रात वहां से निकले।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : AI
सड़क पर चल रहा था मरम्मत का काम, वहीं लगे थे जर्सी बैरियर...
रात करीब 1.30 तीनों दोस्त जीटी करनाल रोड होते हुए स्वरूप नगर इलाके में पहुंचे। यहां पुल के पास फुटपाथ से लगी लगी करीब 15 फीट लंबी और 10 फीट चौड़ी सड़क टूटी थी। एनएचएआई उसकी मरम्मत कर रहा था। चूंकि टूटी सड़क का हिस्सा वहां गहरा था, इसलिए एनएचएआई ने टूटे हुए हिस्से के पास जर्सी बैरियर लगाकर उसे कवर किया हुआ था।

तीनों दोस्त मुरथल की ओर से तेज रफ्तार वहां से आ रहे थे। इस बीच सड़क पर अंधेरा होने के कारण युवकों को जर्सी बैरियर नहीं दिखा और बाइक बैरियर से टकरा गई। हादसे के समय सुमित बाइक चला रहा था। टक्कर लगते ही बाइक उलट गई और तीनों सीमेंट के बैरियर से टकरा गए। इससे इनके सिर में गंभरी चोट आई जो तीनों की मौत की वजह बनी।
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