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अगर बरतेंगे ये सावधानी तो नहीं आएगी आपके नंबर पर कंपनी की ढेरों कॉल्स

Sun, 28 Jan 2018 11:13 AM IST
प्रगति मिश्रा/अमर उजाला, नोएडा
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यदि आप बार-बार किसी उत्पाद, सर्विस या जगह के प्रमोशन के लिए आ रही कॉल से परेशान हैं, तो इसका कारण आपकी एक छोटी सी चूक हो सकती है। कई बार किसी एक सर्विस या उत्पाद के लिए आपको दिन में कई बार कॉल, मैसेज या ईमेल आते हैं।
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ऐसा कई लोगों के साथ होता है। सेक्टर-62 निवासी प्रीति के मुताबिक, एक बार मैंने नोएडा में गर्ल्स पीजी के लिए कुछ वेबसाइट सर्च की। इसके बाद से मुझे पीजी के लिए रोजना 4-5 कॉल आने लगीं। अब मुझे मनचाहा पीजी मिल भी चुका है, लेकिन कॉल आने का सिलसिला बंद ही नहीं हो रहा है।
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वहीं, सेक्टर-18 निवासी पूजा ने बताया कि उनके फोन में रेस्टोरेंट और होटलों के मैसेज, कॉल और ई-मेल की भरमार रहती है। यह सिलसिला कैसे बंद करें, समझ में नहीं आता है।

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कैसे आती हैं कॉल-
विभिन्न उत्पादों की कंपनियां और सर्विस प्रोवाइडर अलग-अलग माध्यमों से लोगों का नंबर प्राप्त करती हैं। अधिकांश कंपनियां एक बार प्राप्त नंबर पर नियमित तौर पर मैसेज करती रहती हैं, फिर चाहे आपको उस उत्पाद की आवश्यकता हो अन्यथा नहीं। कंपनियां प्रमुख माध्यमों से लोगों का नंबर प्राप्त करती हैं, जैसे-
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service provider
1- सर्विस प्रोवाइडर
कई बार लोग किसी जानकारी जैसे आसपास के रेस्टोरेंट, किराए के घर, घर के जरूरी काम आदि के लिए कुछ प्राइवेट सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों से मदद लेते हैं। ग्राहक कंपनी से अपने लिए उपयोगी जानकारी संबंधित नंबर मांगते हैं, जो यह कंपनियां उन्हें उपलब्ध करा देती हैं। इसके अलावा यह कंपनियां उस ग्राहक का नंबर भी विभिन्न सर्विस से जुड़ी कंपनियों को दे देती हैं। ऐसे में काम हो जाने के बाद भी फोन कॉल का सिलसिला नहीं थमता है।
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2- ऑनलाइन सर्च
जब आप कोई वेबसाइट विजिट करते हैं या गूगल पर कुछ सर्च करते हैं तो कई बार आपसे मोबाइल नंबर और आईडी पूछी जाती है, जिसे भरने के बाद यह जानकारी संबंधित वेबसाइट को प्राप्त होती है। यदि उस वेबसाइट को इस जानकारी को थर्ड पार्टी के साथ शेयर करने की अनुमति है, तो वह यह जानकारी विभिन्न उत्पादों और सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों को दे सकती हैं।
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3- मॉल्स/ शॉप  
जब आप शॉपिंग मॉल या दुकानों में जाते हैं तो सामान खरीदते वक्त अक्सर कुछ फॉर्म भरवाए जाते हैं। यह फॉर्म फीडबैक या शॉपिंग कार्ड आदि के लिए होते हैं। इनमें भी ग्राहक की ई-मेल और फोन नंबर मांगे जाते हैं। इसके जरिये कंपनियां बार-बार आपको मैसेज या कॉल करके अपने उत्पादों की जानकारी देती हैं।

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Online shopping
4- ऑनलाइन ऑर्डर
कई लोग खाना, कपड़े, घरेलू सामान आदि ऑनलाइन ही मंगाते हैं। इसके बाद उनके पास संबंधित कंपनियों के कॉल और मैसेज आने का सिलसिला शुरू हो जाता है।

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Social Media
5- सोशल साइट 
कुछ लोग अपनी सोशल साइट्स जैसे फेसबुक, ट्वीटर, लिंकडिन आदि पर अपना नंबर डालते हैं। इससे उनका नंबर अन्य लोगों को आसानी से मिल जाता है।

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Mobile App
6- मोबाइल ऐप 
जब आप कोई मोबाइल ऐप डाउनलोड  करते हैं तो आपसे कई तरह की इजाजत मांगी जाती हैं। यदि आपने उस वक्त कांटेक्ट एक्सेस या मेल एक्सेस की अनुमति दी है, तो उस ऐप कंपनी को आपकी काफी निजी जानकारियां प्राप्त हो सकती हैं।

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facebook love
क्या रखें सावधानी -
1- यूं ही नहीं दें कॉल एक्सेस परमीशन- जब तक जरूरी न हो किसी भी मोबाइल ऐप को कांटेक्ट एक्सेस की अनुमति न दें। सिर्फ वहीं जानकारियां एक्सेस करने के लिए यस या ओके का बटन दबाएं जो जरूरी हों अन्यथा परमीशन डिनॉय का ऑप्शन चुनें।
2- सोशल साइट्स पर मोबाइल नंबर देने से बचें- विभिन्न सोशल साइट्स पर अपना नंबर डालने से बचें। यदि आपने सोशल साइट्स बनाते वक्त अपना नंबर वेरिफिकेशन में इस्तेमाल किया है, तो प्राइवेसी सेटिंग्स पर ध्यान दें। यदि साइट्स आपको ऑप्शन दे रही है कि यह जानकारी कौन-कौन देख सकता है तो ओनली मी का ऑप्शन चुनें।

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Gmail
3- गूगल सर्च से पहले करें जीमेल लॉग आउट- जब आप इंटरनेट पर कोई चीज सर्च करते हैं और आपकी मेल आईडी ऑन है तो आपके बारे में डाटा रखना आसान हो जाता है। ऐसे में आपके द्वारा बार-बार किसी खास चीज को सर्च करने पर आपकी जरूरत और पसंद के बारे में जानकारी प्राप्त होती है। इसका इस्तेमाल आपको प्रमोशनल कॉल और मैसेज भेजने के लिए किया जाता है।
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Apps
4- मोबाइल ऐप के प्रयोग में रखें सावधानी- मोबाइल में ऐप की भरमार न करें। केवल जरूरी ऐप ही डाउनलोड करें। ऐप डाउनलोड करते वक्त सिर्फ जरूरी चीजों की ही एक्सेस को अनुमति दें।
5- सर्विस प्रोवाइडर के इस्तेमाल से पहले जाने पॉलिसी- जब आप किसी सर्विस प्रोवाइडर का इस्तेमाल करते हैं तो उससे संबंधित सभी पॉलिसी को ध्यान से समझें। सर्विस प्रोवाइडर आपकी कौन सी जानकारी इकट्ठा कर रहा है और उसे किस-किस के साथ साझा कर रहा है आदि।
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