इंदिरापुरम में रफ्तार और नशा एक बार फिर कहर बनकर बरपा। नशे में धुत कार सवार मैनेजर ने दशहरा मेला देखने जा रहे एक घर का चिराग तो बुझाया ही अन्य छह लोग भी जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। हादसे में बेटे को गंवाने वाले पिता दिनेश का कहना है कि अगर उन्हें पता होता कि ऐसा हादसा हो जाएगा तो वह कभी मेला देखने नहीं जाते ।
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रफ्तार और नशा एक बार फिर कहर बनकर बरपा
उधर, पुलिस का कहना है कि आरोपी चालक की तबीयत में सुधार आते ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अभय खंड निवासी दिनेश कुमार निजी कंपनी में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि वह बाइक पर परिवार के साथ दशहरा का मेला देखने जा रहे थे। भीड़ के चलते वह धीमी गति से सड़क के किनारे बाइक चला रहे थे। अचानक पीछे से कार ने टक्कर मारी और उसके बाद वह सभी बेहोश हो गए।
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उन्हें होश आया तो अस्पताल में थे। पता चला कि उनका लाड़ला बेटा अक्षित (12) अब इस दुनिया में नहीं रहा। आसपास के लोगों ने बताया कि बाइक करीब 20 मीटर तक कार के साथ घिसटती चली गई। पिता के पीछे बैठे अक्षित का सिर सड़क पर पड़े पत्थर पर लगा और सिर से अधिक खून बहने से उसकी मौत हो गई। बाइक को टक्कर मारने से पहले आरोपी चालक दिलीप ने पैदल जा रहे मयंक उपाध्याय, उनकी पत्नी नीलम और बेटे नमन को रौंद दिया।
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पति-पत्नी की हालत तो खतरे से बाहर बताई जा रही है मगर नमन जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। मां नीलम ने रोते हुए बताया कि बस वह चाहती हैं कि किसी तरह उनके आंख के तारे की जान बच जाए। लोगों ने नशे की हालत में आरोपी को दबोच कर पुलिस के हवाले किया। लोगों ने पुलिस पर सूचना के करीब 35 मिनट बाद पहुंचने का आरोप लगाया। सीओ इंदिरापुरम राकेश ने बताया कि आरोपी नशे में धुत है और कुछ बताने की हालत में नहीं है। उसे मामूली चोट भी लगी हैं। नशा उतरने के बाद उससे पूछताछ कर गिरफ्तार किया जाएगा।
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- फोटो : amar ujala
ब्रेक लगा देता तो न जाती अक्षित की जान
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो हादसे के दौरान बाइक को टक्कर मारने के बाद दिलीप ने ब्रेक तक नहीं लगाए। वह कार का एक्सलरेटर तेज करता रहा, जिससे बाइक कार के साथ घिसटती चली गई। इसी दौरान अक्षित और उसका भाई अक्ष बुरी तरह घायल हुए। अगर टक्कर लगते ही आरोपी कार को ब्रेक लगाता तो अक्षित की जान बच सकती थी।
हादसे के बाद लगा जाम
हादसे के बाद लोग घायल को बचाने में लग गए। इस वजह से काला पत्थर रोड और अभय खंड पर कुछ देर के लिए यातायात थम गया। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग भी घटनास्थल पर पहुंच गए। घायल को ले जाने के बाद जाम खुलना शुरू हुआ। करीब एक घंटे तक जाम लगा रहा।