यात्री के पास कंफर्म टिकट होने के बाद भी उसे विमान में चढ़ने से रोकने पर एयरलाइंस उसे मुआवजा देने के लिए बाध्य है। यह सेवा में कोताही का मामला है। ऐसे में यात्री मुआवजे का हकदार है। यह जानकारी नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) व इंडियन एयरलाइंस ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को दी।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 4
in flight
जस्टिस विभू बाखरू ने यह पक्ष सामने आने के बाद कहा कि अब इस पड़ताल की जरूरत नहीं है कि डीजीसीए ऐसे मामलों में नागरिक विमानन नियमन लागू कर सकती है या नहीं। यह जवाब डीजीसीए व एयरलाइन ने याचिका के मद्देनजर दाखिल किया है।
विज्ञापन
3 of 4
flight
याची का कहना था कि डीजीसीए ने 2010 में नियम लागू कर यात्रियों की ओवर बुकिंग को मान्यता दी थी जबकि कानूनी रूप से इसकी अनुमति नहीं थी।
याची को 12 दिसंबर 2015 को दिल्ली से पटना की हवाई यात्रा करनी थी और दूसरे दिन वापस आना था। उसने 28 अक्तूबर 2015 को ही टिकट बुक करवा ली थी। वह समय पर एयरपोर्ट पहुंच गया था लेकिन ओवर बुकिंग के कारण उसे विमान पर चढ़ने से रोक दिया गया था। इस कारण वह पटना नहीं पहुंच पाया था।