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Delhi Bomb Blast: दो पत्थरों के बीच में रखा गया था विस्फोटक, नुकसान करना नहीं था आतंकियों मकसद; ये थी वजह

Mon, 21 Oct 2024 06:31 AM IST
Vikas Kumar पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
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रोहिणी ब्लास्ट - फोटो : भूपिंदर सिंह
विस्फोट को आतंकी वारदात ही कहेंगे। रोहिणी में सीआरपीएफ के स्कूल के पास जोरदार धमाका कर संदिग्ध सरकार को मैसेज देना चाहते हैं कि वह कुछ भी कर सकते हैं। हालांकि त्योहारी मौसम में दिल्ली हाई अलर्ट पर रहती है। संदिग्धों ने विस्फोटक दो पत्थरों के बीच में रखा था। पुलिस को मौके से तीन तार व सफेद पाउडर मिला है। 
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रोहिणी ब्लास्ट - फोटो : भूपिंदर सिंह
पुलिस को शक है कि विस्फोटक रखने वाला भी सीसीटीवी कैमरों में कैद हुआ है। मौके से मिले सफेद पाउडर ने उत्तर प्रदेश विधानसभा की याद दिला दी। जुलाई, 2017 में यूपी विधानसभा में इसी तरह का पाउंडर मिलने से हडकंप मच गया था।
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रोहिणी ब्लास्ट - फोटो : भूपिंदर सिंह
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शरारती तत्वों का उद्देश्य सिर्फ सरकार को बताना है कि वो कुछ भी कर सकते हैं.. मैसेज देना है। अगर संदिग्ध को जानमाल का नुकसान करना होता है तो विस्फोटक के साथ कीलें, बॉल-वेयरिंग, पेचकस व लोहे की गोलियां होती, मगर विस्फोटक वाली जगह पर ऐसा कुछ नहीं मिला। दूसरा ये छुट्टी वाले दिन यानि रविवार को धमाका नहीं करते। हालांकि विस्फोटक की तीव्रता बहुत ज्यादा थी। ये धमाका 40 फुटा रोड पर हुआ है। इसका असर इससे दूर 30 से 35 फीट तक देखा गया है।

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रोहिणी ब्लास्ट - फोटो : भूपिंदर सिंह
जांच स्पेशल सेल को सौंपी गई
रोहिणी धमाके की जांच अनौपचारिक रूप से दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की नार्थन रेंज में तैनात एसीपी राहुल कुमार सिंह की टीम को जांच सौंप दी गई है। टीम को सोमवार तक पूरी फाइल मिलने की संभावना है। सफेद रंग के पाउडर को सोमवार को रोहिणी स्थित एफएसएल भेजा जाएगा।
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रोहिणी ब्लास्ट - फोटो : भूपिंदर सिंह
सुपरसोनिक स्पीड से फैलती है शॉकवेब
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ऐसे मामलों में ठोस या तरल विस्फोटक सामग्री बहुत ही गर्म, सघन और उच्च दवाब वाली गैस में परिवर्तित हो जाती है। विस्फोटक के बाद गैस बेहद तेज गति से फैलती है। इससे हवा में एक शाक्तिशाली शॉकवेव पैदा होती है। ये शॉकवेब आसपास के इलाकों में सुपरसोनिक स्पीड से फैलती है और भारी नुकसान का कारण बनती है।
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