भूखा पेट जो न करा दे, वो कम। बुधवार देर रात गोविंदपुरम में एक ऐसी ही घटना घटी, जो कानून की दृष्टि से अपराध थी, लेकिन मानवीय नजरिये से एक भूखे पेट की बेबस दास्तां। गरीबी में गुजर बसर कर रहे किशोर से जब भूखे पेट नहीं रहा गया, तो उसने दुकान का शटर तोड़ दिया और फिर जो हुआ वो सोच भी नहीं सकते आप...