चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण में एसआईटी ने दोनों खिलाफ चार्जशीट सीजेएम कोर्ट में दाखिल कर दी है, लेकिन अब कुछ पुलिस अफसरों और एसएस लॉ कॉलेज के अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ने जा रही हैं। एसआईटी की जांच के दौरान पुलिस और एसएस लॉ कॉलेज प्रशासन की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। एसआईटी दोनों के खिलाफ अलग-अलग रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजेगी।
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चिन्मयानंद की कोर्ट में पेशी
- फोटो : अमर उजाला
सूत्रों के मुताबिक एसआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर चिन्मयानंद की ओर से तुरंत रिपोर्ट लिखने और छात्रा पक्ष की ओर से दो दिन बाद रिपोर्ट लिखने को लेकर और परिवार पर दबाव बनाने पर एक एसपी स्तर के पुलिस अफसर, इंस्पेक्टर और एक दरोगा पर गाज गिर सकती है। इसके अलावा कॉलेज प्रशासन भी कार्रवाई के घेरे में है।
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एसआईटी ने दो महीने की विवेचना के दौरान दोनों पक्षों के हर उस व्यक्ति ने पूछताछ की जिसका चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण से जरा भी जुड़े होने का पता चला। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी की जांच के दौरान इस प्रकरण में पुलिस की शुरूआत में लापरवाही बरतने की बात सामने आई है।
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जेल जाते स्वामी चिन्मयानंद
- फोटो : अमर उजाला
चिन्मयानंद के मोबाइल पर पांच करोड़ की फिरौती मांगे जाने के मेसेज आने की जानकारी उनके वकील ओम सिंह की ओर से 22 अगस्त को ही एक अधिकारी को दे दी गई थी। मगर ओम सिंह की ओर से रिपोर्ट 25 अगस्त की रात में दर्ज की गई थी। छात्रा के पिता ने 25 अगस्त को तहरीर दी थी, जिस पर रिपोर्ट दो दिन बाद 27 तारीख को लिखी गई थी। तहरीर बदलवाने के लिए छात्रा के पिता पर अफसरों का दबाव बनाने का भी आरोप है।
पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एसआईटी ने पुलिस और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ रिपोर्ट शासन को भेजने की बात कही थी। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी की रिपोर्ट पर पुलिस के एक बड़े अधिकारी, इंस्पेक्टर व दरोगा और कॉलेज प्रशासन पर कार्रवाई हो सकती है।