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चिन्मयानंद मामलाः गायब छात्रा की थी उस कमरे तक पहुंच, जहां कुछ को ही जाने की थी अनुमति

Thu, 29 Aug 2019 05:45 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाहजहांपुर
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गायब छात्रा ने हाल ही में मनाया था स्वामी के साथ अपना अपना जन्मदिन - फोटो : सोशल मीडिया
एसएस लॉ कॉलेज की लापता छात्रा के पूर्व गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर लगाए संगीन आरोपों से आए ‘भूचाल’ से भाजपा की राजनीति के तीन धड़ों के बीच टकराव को भी जोड़कर देखा जा रहा है। कुछ समय पहले तक यह छात्रा ठीक वैसे ही स्वामी चिन्मयानंद के करीब थी, जैसे कभी उन पर पहले दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली साध्वी हुआ करती थी, लेकिन हाल ही में छात्रा ने जब स्वामी चिन्मयानंद पर आरोप लगाते हुए वीडियो वायरल किया तो स्वामी के खिलाफ उनके राजनीतिक विरोधी भी सक्रिय हो गए।
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गायब छात्रा ने हाल ही में मनाया था अपना जन्मदिन - फोटो : सोशल मीडिया
छात्रा का घर यूं तो एसएस कॉलेज से बमुश्किल तीन-चार किलोमीटर की दूरी पर ही है, फिर भी वह कॉलेज के हॉस्टल में रहती थी। उसे स्वामी के काफी करीब माना जाता था। सूत्रों के मुताबिक उसकी पहुंच स्वामी के साधना कक्ष तक थी, जहां सिर्फ गिने-चुने लोग ही जा पाते थे।
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पूर्व केंद्रीय गृहराज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद - फोटो : अमर उजाला
कॉलेज सूत्रों के मुताबिक छात्रा सिर्फ मुमुक्षु आश्रम परिसर और कॉलेज में ही नहीं बल्कि अक्सर स्वामी के साथ गाड़ी में भी नजर आती थी। उनके ऋषिकेश और कनखल आश्रम में भी वह वक्त बिता चुकी है। मुमुक्षु शिक्षा संकुल में उसका अच्छा दबदबा था।

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स्वामी चिन्मयानंद (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक यह मामला भी शहर के एक कद्दावर भाजपा नेता ने ही पहुंचाया। इसी के बाद कई मौकों पर मुख्यमंत्री से अपनी नजदीकियां जता चुके स्वामी चिन्मयानंद पर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई। एलएलएम की छात्रा से पहले स्वामी चिन्मयानंद पर उन्हीं के आश्रम में रहने वाली एक साध्वी ने 2011 में दुष्कर्म का आरोप लगाया था। उस समय प्रदेश में बसपा की सरकार थी।
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स्वामी चिन्मयानंद को मिली मूर्खाधिराज की पदवी
साध्वी के आरोप काफी समय तक राष्ट्रीय मीडिया में गूंजे थे, हालांकि फिर भी स्वामी चिन्मयानंद गिरफ्तारी से बच निकले थे। इतना जरूर हुआ कि इस प्रकरण के बाद स्वामी चिन्मयानंद की राजनीति में सक्रियता काफी हद तक कम हो गई। 2017 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के साथ योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे तो उनसे पुराने संबंधों के जरिये स्वामी चिन्मयानंद एक बार फिर सक्रिय हुए।
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स्वामी चिन्मयानंद - फोटो : सोशल मीडिया
सूत्रों के मुताबिक स्वामी की मुख्यमंत्री से नजदीकी ने शाहजहांपुर के कद्दावर नेताओं को उनके सामने बौना कर दिया था। उनकी राजनीतिक ताकत बढ़ी तो उनके विरोधी भी सक्रिय हो गए। मुख्यमंत्री पिछले साल स्वामी चिन्मयानंद के मुमुक्ष शिक्षा संकुल आए तो उन्होंने उन्हीं के साथ भोजन किया। इसके बाद इसी साल अप्रैल में भी मुख्यमंत्री नवादा दरोबस्त गांव में भ्रमण पर पहुंचे तब भी स्वामी के आगे शाहजहांपुर के दूसरे कद्दावर नेताओं का कद काफी छोटा नजर आया। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंच पर स्वामी का वर्चस्व रहा।
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- फोटो : सोशल मीडिया
नतीजा यह हुआ कि स्वामी के साथ कद्दावर नेता और एक पूर्व सांसद के बीच अंदर ही अंदर टकराव शुरू हो गया। हाल ही में जब छात्रा का वीडियो वायरल हुआ तो उसका पिता के कद्दावर नेता के संपर्क में होने की चर्चा भी काफी फैली। इसके बाद कद्दावर नेता के जरिये ही छात्रा के लापता होने और उसके पिता की शिकायत पर पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई न होने की बात मुख्यमंत्री तक पहुंची।
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