बुधवार को रंगारंग कार्यक्रमों के साथ 31वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला शुरू हो गया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल, पर्यटन मंत्री रामविलास शर्मा, राव इंद्रजीत सिंह, विपुल गोयल, सीपीएस सीमा त्रिखा, विधायक टेकचंद शर्मा, झारखंड के पर्यटन मंत्री अमर कुमार बौरी और भारत में मिश्र के राजदूत हातेम तगेल्डिन ने संयुक्त रूप से मेले की शुरूआत की। उन्होंने टीम के साथ मेले का भ्रमण भी किया और कैशलेस तरीके से खरीदारी भी की।
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देश व विदेश से आए कलाकारों ने अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को बसंत पंचमी और सर छोटूराम जयंती की बधाई देते हुए कहा कि आज अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला की पुण्यतिथि भी है।
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इस अवसर पर हम सब यहांइकट्ठे हुए हैं। यह मेला आपस की दूरियां कम करने का एक सांझा मंच प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष में होने वाले सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में भागीदारी प्रदेश तेलंगाना होगा।
झारखंड राज्य एक विशेष प्रदेश है। इस प्रदेश को प्रकृति का आशीर्वाद मिला हुआ है। वहां काफी क्षेत्र पहाड़ी व खनिज संपदाओं से भरपूर हैं। इस वर्ष वे झारखंड का दौरा जरूर करेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि मेले में 23 देशों के कलाकार और शिल्पकार हिस्सा ले रहे हैं।
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मेले के आयोजन से विभिन्न प्रदेशों के कलाकारों को एक दूसरे की कला संस्कृति को जानने और समझने का मौका मिलेगा। मेले से मुख्यमंत्री ने मोबिक वीक ऐप व पीओएस प्रणाली के माध्यम से नेपाल के स्टाल से एक शॉल और श्रीलंका के स्टाल से हाथ से तैयार की गई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और स्वयं की निर्मित तस्वीर भी खरीदी।
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सरकार मेले का करेगी विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि सूरजकुंड मेले में पिछले वर्ष 17 लाख लोगों ने भ्रमण किया था और इस बार मेले की लोकप्रियता को देखते हुए 3 एकड़ अतिरिक्त भूमि में मेला विस्तार किया गया है। सरकार मेले की लोकप्रियता को देखते हुए यथासंभव विस्तार करेगी।
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बसंत पंचमी के मौके पर उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में सरस्वती नदी का बहुत महत्व है और सरस्वती नदी की निर्मल धारा हरियाणा प्रदेश से ही बहा करती थी। प्रदेश सरकार ने सैटेलाइट द्वारा दर्शाए गए मार्ग पर नदी को पुन: बहाने के लिए सरस्वती बोर्ड का गठन किया है।
झारखंड के पर्यटन मंत्री ने मुख्यमंत्री को किया आमंत्रित
इस मौके पर थीम राज्य झारखंड के पर्यटन मंत्री अमर कुमार बौरी ने कहा कि उनके राज्य का उदय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में 15 नवंबर 2000 को हुआ। झारखंड को मिनरल के स्टेट के रूप में जाना जाता है।
वहां इस संपदा के साथ साथ पर्यटन की दृष्टि से भी काफी संभावनाएं हैं क्योंकि उनके राज्य की संस्कृति और कला का प्रचार नहीं हो पाता हैं, लेकिन इस मेला ने उनके राज्य को थीम राज्य के रूप में शामिल करके एक नया मंच प्रदान किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री सहित अन्य अतिथियों को झारखंड आने का निमंत्रण भी दिया।
इस मौके पर हरियाणा पर्यटन विकास निगम के चेयरमैन जगदीश चोपड़ा, प्रदेश भाजपा महामंत्री संदीष जोशी, जिला अध्यक्ष गोपाल शर्मा, भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष अनीता शर्मा, यशवीर डागर, राजेश डागर, नारायण शर्मा, जिला परिषद अध्यक्ष विनोद चौधरी समेत अन्य लोग भी उपस्थित रहे।
देश विदेश के कलाकारों ने बांधा समां
फरीदाबाद। 31वें अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प सूरजकुंड मेले में पहले दिन पार्टनर कंट्री मिश्र के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधा। मिस्र के कलाकारों ने बड़ी चौपाल पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल व अन्य दर्शकों के सामने अल सायरा लोक नृत्य से कार्यक्रम की शुरूआत की। इसके बाद भी उन्होंने कई प्रस्तुतियां दीं।
तजाकिस्तान के कलाकारों ने कोमोज वाद्य यंत्रों पर अपनी प्रस्तुति दी। इसके अलावा किर्गिस्तान के कलाकारों ने भी कार्यक्रम प्रस्तुत किया। थीम राज्य झारखंड के कलाकारों ने झारखंड के लोकनृत्य प्रस्तुत किए। गिद्दे के जरिए पंजाब के कलाकारों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।
हरियाणवीं लोक कलाकारों दिलावर कौशिक ने हरियाणवीं गीतों के माध्यम से कार्यक्रम में छठा बिखेरी। किर्गिस्तान के कलाकारों ने पर्यटन मंत्री राम बिलास शर्मा, झारखंड के पर्यटन मंत्री अमर कुमार बौरी को गुड़िया भेंट की और किर्गिस्तान आने का न्योता दिया।