रायन इंटरनेशनल स्कूल सोमवार से खुल रहा है लेकिन क्या आपका बच्चा जाने को तैयार है! दरअसल भोंडसी के इस स्कूल में प्रद्युम्न की हत्या के बाद बच्चे इतनी दहशत में हैं कि स्कूल खुलने के बाद भी नहीं जाना चाहते हैं पढ़ने। सोमवार से स्कूल फिर खुल रहा है लेकिन बच्चे अपनी सुरक्षा को लेकर इतने खौफजदा हैं कि वह स्कूल नहीं जाना चाहते हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
महेश कुमार बोले मेरा बेटा वीरेन प्रद्युमन की ही कक्षा में पढ़ता है। हत्या के बाद वीरेन ने भी प्रद्युमन का शव देखा था। जिससे वह सदमे मे हैं। डर के मारे रात को सो भी नहीं पाता है। बच्चे स्कूल जाने से मना रहे हैं। स्कूल प्रबंधन की लापरवाही और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए बच्चों को स्कूल भेजने के लिए सोचना पड़ रहा है।
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अभिभावक भी घटना के बाद से सहमे हुए हैं। बच्चों का कहना है कि यदि वह स्कूल जाएंगे तो उनका भी गला कट जाएगा। अभिभावक भी बच्चों को स्कूल भेजने से पहले सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहते हैं। बतौर प्रशासक नियुक्त जिला उपायुक्त विनय प्रताप से भी सुरक्षा की गारंटी चाहते हैं।
शंकर खंडेलवाल बोले मेरी एक बेटी आठवी कक्षा में है और दूसरी बेटी बारहवीं कक्षा में है। हत्या की घटना के बाद दोनों बेटियों की सुरक्षा को लेकर भय बना हुआ है। अगर लड़के ही स्कूल में सुरक्षित नहीं हैं,तो लड़कियों की सुरक्षा के बारे में सोचना भूल है। प्रशासन क्या कदम उठाता है,यह देखने के बाद निर्णय लिया जाएगा।
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दरअसल आठ सितंबर को स्कूल में प्रद्युम्न की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। जिस समय यह घटना हुई थी,उस समय पूरे स्कूल में कक्षाएं चल रही थी। कक्षा दो से महज 27 कदम की दूरी पर टॉयलेट के बाहर प्रद्युम्न खून से लथपथ पड़ा हुआ था। इस हत्या के बाद पूरे स्कूल में अफरातफरी का माहौल था। इस हत्याकांड के बाद ग्राउंड फ्लोर पर सभी बच्चों को इकट्ठा करके छुट्टी कर दी गई थी।
विरेंद्र कुमार बोले मेरा बेटा इसी स्कूल के आठवी कक्षा में पढ़ता है। स्कूल में हुई हत्या के बाद उसमें डर बैठ गया है। हत्या के बाद से ही इस स्कूल से निकाल कर दूसरे स्कूल में डालने की जिद कर रहा है। उसी के साथ स्कूल के अन्य बच्चे भी इस घटना के बाद से मानसिक तनाव में हैं।
जो बच्चे कभी प्रद्युम्न के साथ खेला करते थे,वह अधिक डरे हुए हैं। उन्हें भय सता रहा है कि कहीं उनका भी गला कट गया तो। एक अभिभावक ने बताया कि उनका बेटा कहता है कि मम्मी स्कूल नहीं जाऊंगा। अब वह स्कूल भेजने से भी कतरा रही है।
बता दें कि हरियाणा सरकार ने रायन इंटरनेशनल स्कूल को तीन माह के लिए अपने अधीन ले लिया है। बतौर प्रशासक उपायुक्त विनय प्रताप ने जिम्मेवारी संभाल ली है। सोमवार को स्कूल खुलने के साथ बच्चों की सुरक्षा को लेकर समीक्षा बैठक की जाएगी और साथ ही सभी जरुरी इंतजाम किया जाएगा।
जयनरायण राणा का कहना है मेरे परिवार के छह बच्चें पढ़ते हैं। इस तरह की घटनाओं से बच्चों पर बुरा असर पड़ा है। बच्चों को स्कूल भेजने से पहले सोचना पड़ रहा है। खुद संतुष्ट होने के बाद भी बच्चों को स्कूल भेजा जाएगा। एक साल बर्बाद भी होता है तो कोई गम नहीं। सुरक्षा पहली प्राथमिकता है।