ssc protest
- फोटो : हिमांशु सोनी
बिहार के छात्र राजीव सिंह ने बताया कि प्रशासन की नींद तोड़ने के लिए छात्रों ने एसएससी का श्राद्ध किया, क्योंकि जो मर जाता है वह सुन नहीं सकता, और चूंकि एसएससी उनकी मांगें सुनने के लिए तैयार ही नहीं इसलिए एसएससी भी मरे समान हो चुकी है। वहीं छात्र विकास ने कहा कि श्राद्ध की प्रक्रिया को हिंदू रीति रिवाजों के अनुसार आंदोलन स्थल पर दो पंडितों को बुलाकर पूरा कराया गया।