राजधानी में शनिवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूरी श्रद्धा व हर्षोल्लास के
साथ मनाई गई। राजधानी के मंदिर रातभर व पूरे दिन श्री कृष्ण के गीतों से
गूंजते रहे।
विज्ञापन
PICS : जन्माष्टमी की धूम, कान्हा के गीतों से रात भर गूंजते रहे मंदिर
2 of 7
मंदिरों में सजी झांकियों, नृत्य व भजन मंडलियों ने माहौल को पूरी तरह से कृष्णमय कर दिया। राजधानी के तमाम छोटे-बड़े मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में पूजा अर्चना और भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन करने का सिलसिला सुबह ही शुरू हो गया और आधी रात तक जारी रहा।
विज्ञापन
PICS : जन्माष्टमी की धूम, कान्हा के गीतों से रात भर गूंजते रहे मंदिर
3 of 7
सभी मंदिर रंगबिरंगी रोशनी में डूबे हुए थे और फूलों की सुगंध से सराबोर थे। मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक झांकियां सजाई गईं। सभी मंदिरों में पूरा दिन श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। सबसे अधिक श्रद्धालु पूजा अर्चना करने के लिए तीनों इस्कॉन टैंपल (द्वारका, ईस्ट ऑफ कैलाश व पंजाबी बाग) एवं बिड़ला मंदिर पहुंचे।
PICS : जन्माष्टमी की धूम, कान्हा के गीतों से रात भर गूंजते रहे मंदिर
4 of 7
इसके बाद श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण का महाभिषेक व महाआरती की और जन्माष्टमी के अवसर रखा गया उपवास विशेष पूजा अर्चना करने एवं चरणाम्रत ग्रहण कर संपन्न किया। छतरपुर मंदिर एवं बद्री भगत झंडेवाला मंदिर परिसर में भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया।
विज्ञापन
PICS : जन्माष्टमी की धूम, कान्हा के गीतों से रात भर गूंजते रहे मंदिर
5 of 7
ईस्ट ऑफ कैलाश, पंजाबी बाग और द्वारका स्थित इस्कॉन टैंपल में पूरा दिन हरे रामा हरे कृष्णा संकीर्तन हुआ जिस पर श्रद्धालु खुद को झूमने से रोक न सके। इस दौरान श्रद्धालु एक-दूसरे का हाथ पकड़कर चक्कर लगाते हुए नाचे। चांद निकलने के बाद आधी रात को इन टैंपल में भगवान श्रीकृष्ण 108 चांदी के कलशों से महाभिषेक किया और 108 आरती की गई।
विज्ञापन
PICS : जन्माष्टमी की धूम, कान्हा के गीतों से रात भर गूंजते रहे मंदिर
6 of 7
इस्कॉन संस्था ने अपने तीनों टेम्पल को विदेशी फूलों से बड़े ही आकर्षण ढंग से सजाया। फूलों की दूर से सुगंध आ रही थी। भक्त भी फूलों की खुशबू लेने के लिए उनके पास बार-बार जा रहे थे। संस्था ने सजावट के लिए थाईलैंड व स्विटजरलैंड से फूल मंगाए थे।
PICS : जन्माष्टमी की धूम, कान्हा के गीतों से रात भर गूंजते रहे मंदिर
7 of 7
बिड़ला मंदिर व तीनों इस्कॉन टैंपल में वैसे तो एक से बढ़कर एक अच्छी किस्म की मिठाई 56 भोग में शामिल की गई। इसमें गुलाब के फूलों से बनी हुई मिठाई भी शामिल है। वैसे सभी मंदिरों में श्रद्धालुओं के बीच माखन मिश्री का भोग प्र्रसाद लगाकर बांटा गया। इससे पहले मटकी की रस्म भी पूरी की गई।