दिल्ली के बुराड़ी इलाके में एक ही घर में मिले 11 शवों की गुत्थी सुलझाने के लिए दिल्ली पुलिस ने मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिंक विशेषज्ञों की मदद ली है। सोमवार सुबह मेडिकल बोर्ड बनाने के बाद तीन वरिष्ठ डॉक्टरों की निगरानी में दिनभर 11 शवों का परीक्षण किया जाएगा।
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11 deadbodies
बताया जा रहा है कि इस दौरान डॉक्टर सबसे पहले फंदे के आकार की जांच कर यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि किसी और ने फंदा लगाया है या फिर इन्होंने खुद ही फंदा लगाया था। इतना ही नहीं अगर किसी ने फंदा लगाया है तो क्या वह इन्हीं में शामिल है, इसकी जांच के लिए फिंगर प्रिंट और बॉडी-रे स्कैनर मशीन की मदद ली जाएगी।
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- फोटो : जी पॉल
अब तक पुलिस हत्या और आत्महत्या के बीच ही फंसी हुई है, लेकिन डॉक्टरों की मानें तो इसी गुत्थी को उन्होंने अपनी चुनौती माना है। मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के फॉरेसिंक विभाग के एक डॉक्टर ने बताया कि पुलिस जिस बात को लेकर परेशान है, सबसे पहले उसी का हल तलाशा जाएगा। इन लोगों की हत्या हुई है तो पोस्टमार्टम में वह चीज जरूर सामने आ जाएगी।
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- फोटो : जी पॉल
उधर, दिल्ली सकार के यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज (यूसीएमएस) के फॉरेंसिक मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डॉ. एनके अग्रवाल की मानें तो ऐसे मामलों में पोस्टमार्टम में मौत की वजह स्पष्ट की जाती है। बाहरी जांच भी प्रत्येक शव की होती है, ताकि किसी भी तरह के इंजेक्शन या अन्य जहरीली नुकीली वस्तु का प्रयोग होने की पुष्टि की जा सके।
इसके बाद पोस्टमार्टम के दौरान आंतों में मौजूद तरल पदार्थ देखा जाता है, ताकि पता चले कि इन्हें किसी ने जहर तो नहीं खिलाया। हालांकि ठोस रिपोर्ट विसरा जांच पूरी होने के बाद ही सामने आती है। हालांकि कुछ डॉक्टरों का कहना है कि ज्यादा शव होने की वजह से डॉक्टरों को पोस्टमार्टम में पूरा दिन लग सकता है। कुछ पेंचीदा चीजें देखने को मिलीं तो शायद मंगलवार शाम तक डॉक्टर इन शवों को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस को सौंपें।