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'सफदरजंग में कैद हैं सोनम वांगचुक': पत्नी बोलीं- हमसे इलाज की आजादी भी छीन ली गई, सरकार पर भरोसा नहीं

Sun, 19 Jul 2026 08:24 PM IST
विकास कुमार पीटीआई, नई दिल्ली

सार

आंग्मो ने अस्पताल के भीतर के माहौल को बेहद डरावना बताते हुए कहा कि अस्पताल की पूरी मंजिल पुलिसकर्मियों से भरी हुई है और यह माहौल किसी 'जोधपुर जेल' जैसा महसूस होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कमरे के अंदर पुलिस कांस्टेबल तैनात हैं। पुलिस उन्हें फोन का इस्तेमाल नहीं करने दे रही है और सोनम वांगचुक को उनका टैबलेट भी नहीं दिया गया है।
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सोनम वांगचुक और उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो - फोटो : अमर उजाला
लद्दाख के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने रविवार को केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके पति को जंतर-मंतर से जबरन हटाने के बाद सफदरजंग अस्पताल में 'अवैध हिरासत' में रखा गया है। आंग्मो ने आरोप लगाया कि परिवार को यह चुनने क मौलिक अधिकार से भी वंचित किया जा रहा है कि वे अपने मरीज का इलाज किस अस्पताल में कराना चाहते हैं।
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गीतांजलि जे. आंग्मो - फोटो : PTI
निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग
सफदरजंग अस्पताल के बाहर बातचीत करते हुए गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि हम सिर्फ उन्हें मेदांता या अपनी पसंद के किसी अन्य निजी अस्पताल में शिफ्ट करना चाहते थे, जहां हम सहज महसूस कर सकें। यह भारत में एक नागरिक का मौलिक अधिकार है। आपको किसी खास डॉक्टर या अस्पताल से ही इलाज कराने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
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गीतांजलि जे. आंग्मो - फोटो : PTI
मैं यहां अपने पति को रखना नहीं चाहती
उन्होंने कहा कि सरकार जिस तरह से वांगचुक के इलाज को संभाल रही है, उसे लेकर एक बड़ा 'विश्वास का संकट' पैदा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ब्लड सैंपल की रिपोर्ट देने में उन्हें 10 घंटे का समय लगा। इसके अलावा, जिस अस्पताल में इतनी भारी पुलिस तैनाती और वॉटर कैनन मौजूद हों, वहां वे अपने पति को नहीं रखना चाहतीं।

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गीतांजलि जे. आंग्मो - फोटो : PTI
'अस्पताल बना जोधपुर जेल, ब्लड प्रेशर बढ़ा'
आंग्मो ने अस्पताल के भीतर के माहौल को बेहद डरावना बताते हुए कहा कि अस्पताल की पूरी मंजिल पुलिसकर्मियों से भरी हुई है और यह माहौल किसी 'जोधपुर जेल' जैसा महसूस होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कमरे के अंदर पुलिस कांस्टेबल तैनात हैं। पुलिस उन्हें फोन का इस्तेमाल नहीं करने दे रही है और सोनम वांगचुक को उनका टैबलेट भी नहीं दिया गया है। पुलिस इसके लिए कोई आधिकारिक आदेश भी नहीं दिखा रही है। इस तनावपूर्ण माहौल के कारण सोनम वांगचुक का ब्लड प्रेशर (बीपी) बढ़ गया है। अस्पताल प्रशासन न तो वांगचुक के निजी डॉक्टरों को जांच करने दे रहा है और न ही उनसे कोई सलाह ले रहा है।
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गीतांजलि जे. आंग्मो - फोटो : PTI
मेडिकल रिपोर्ट पर उठाए सवाल
दिल्ली उच्च न्यायालय के बाहर बात करते हुए आंग्मो ने पुलिस के उन दावों पर सवाल उठाया, जिसमें कहा गया था कि वांगचुक को खराब स्वास्थ्य के कारण अस्पताल लाया गया। उन्होंने कहा कि एक दिन पहले तक उनकी रिपोर्ट ठीक थी। पोटेशियम का स्तर 4.3 था। जब हमने दोबारा जांच कराई तो यह 3.6 था, फिर सुबह की रिपोर्ट में इसे 2.9 कैसे दिखाया गया? उन्होंने आरोप लगाया कि अगर सरकार को स्वास्थ्य की इतनी ही चिंता थी, तो सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को भेजकर उन्हें इतनी बेरहमी से क्यों उठाया गया?
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Sonam Wangchuk Hunger Strike - फोटो : ANI
भूख हड़ताल जारी रखने का फैसला
आंग्मो ने स्पष्ट किया कि डॉक्टरों द्वारा लिक्विड (तरल पदार्थ) लेने की सलाह के बावजूद सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है। वे अनशन तोड़ने के मूड में नहीं हैं।
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नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला - फोटो : बसित जरग
फारूक अब्दुल्ला ने जताई एकजुटता
इस बीच, नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता फारूक अब्दुल्ला ने अस्पताल के बाहर गीतांजलि आंग्मो से मुलाकात की और सोनम वांगचुक के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। अब्दुल्ला ने कहा, "हम प्रार्थना करते हैं कि वे जल्द ठीक हों और उनका आंदोलन सफल हो। लद्दाख के लोगों को शांति से रहने का अधिकार मिले और उनकी संस्कृति सुरक्षित रहे।"
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