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'शव के टुकड़े देख मिलता था सुकून': आफताब एक दिन पहले फेंके अंगों को देखता, वो नष्ट हुए या नहीं करता था ये जांच

Tue, 15 Nov 2022 10:02 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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मृतका श्रद्धा वाकर - फोटो : अमर उजाला
बहुचर्चित श्रद्धा हत्याकांड मामले के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला के बारे में एक और खुलासा हुआ है। हर रोज शव के टुकड़ों को महरौली और छतरपुर के जंगलों में ठिकाने लगाने से पूर्व आरोपी एक दिन पहले फेंके गए टुकड़ों को जरूर देखकर तसल्ली करता था कि वे नष्ट हुए या नहीं। उन्हें नष्ट होता देखकर वह सुकून महसूस करता था। पुलिस की पूछताछ में उसने यह बात स्पष्ट रूप से स्वीकार की है। यह भी पता चला है कि मृतका के शव को ठिकाने लगाने के बाद उसने फ्लैट बदल दिया था। पता चला है कि आरोपी ने श्रद्धा के खून को टॉयलेट में बहाया था। उसने पहले श्रद्धा के हाथों की कलाई काटी थीं। उसने दोनों हाथ व दोनों पैरों के तीन-तीन टुकड़े किए थे।
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मृतका श्रद्धा - फोटो : अमर उजाला
पूछताछ में ये भी सामने आया है कि श्रद्धा के सिर का उसने एक टुकड़ा ही अपने पास रखा था, जिसे वह रोज देखता था और अपने मन को तसल्ली देता था। उससे पूछताछ का दौर निरंतर जारी है। इस बीच पुलिस मंगलवार को भी उसे जंगल लेकर गई तथा कुछ और टुकड़े बरामद करने का प्रयास किया, लेकिन इसमें सफलता हाथ नहीं लगी। 
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मृतका श्रद्धा और हत्यारोपी आफताब - फोटो : अमर उजाला
पुलिस की जांच में ये बात भी सामने आई है कि आरोपी की दिल्ली में ही एक और महिला दोस्त रहती है। इस महिला दोस्त के वह लगातार संपर्क में था। ये महिला दोस्त आफताब से उस समय मिलने गई थी, जब श्रद्धा के शव के टुकड़े फ्रिज में रखे थे। आरोपी ने 25300 हजार रुपये में फ्रिज खरीदा था। फ्रिज की डिलीवरी रात के समय हुई थी।

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हत्यारोपी आफताब और मृतका श्रद्धा (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
औजार लाने के दौरान हो गया था घायल
आरोपी शव के टुकड़े करने के लिए औजार लेने के लिए महरौली मार्केट गया था। उसने मार्केट से आरी, चापड़, तीन ब्लेड, बैग व अन्य सामान खरीदा था। औजार लाते हुए वह घायल हो गया था। चॉपर से उसके हाथ में काफी बड़ा कट लग गया था। आरोपी इसका इलाज कराने महरौली के एक स्थानीय डॉक्टर के पास गया। दक्षिण जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी के हाथ में चोट का निशान है। डॉक्टर ने भी इसकी पुष्टि की है।
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आरोपी आफताब - फोटो : सोशल मीडिया
सामान मंगाता था ऑनलाइन
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने काफी सामान ऑनलाइन मंगाया था। उसने 19 मई को ब्लिंकिट एप से फिनाइल, साइनेक्स व हाथ धोने वाला विशेष तरह का डिटॉल मंगाया था। आरोपी ने 500-500 एमएल की चार बोतल मंगाईं थीं। पुलिस ने एप से इस बात के सबूत ले लिए हैं।
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मृतक श्रद्धा का फाइल फोटो और आरोपी आफताब - फोटो : अमर उजाला
इन चार जगहों पर फेंके थे श्रद्धा के शव के टुकड़े
1. 100 फुटा रोड पर जंगल में, रैन बसेरा के पास- इस जगह पर चेहरा, कलाई और धड़ के टुकड़े।
2. श्मशान घाट नाले के पास 100 फुटा रोड पर- कूल्हा और शव का एक टुकड़ा और डाला था।
3. छतरपुर रेड लाइट के पास- थाई का टुकड़ा
4. छतरपुर में एमसीडी का कूड़ादान- यहां पर अंतड़ियां डाली थीं।
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आरोपी आफताब और मृतका श्रद्धा - फोटो : सोशल मीडिया
पुलिस को बताया था दोस्त
जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी व श्रद्धा मुंबई से मार्च महीने में नार्थ इंडिया के ट्रिप पर निकले थे। ये मसूरी, नैनीताल, देहरादून, कसौली व पार्वती हिल्स आदि जगहों पर गए थे। इसके बाद मई के पहले सप्ताह में ये दिल्ली आ गए। इनको लगा कि दिल्ली में नौकरी मिलने की ज्यादा संभावना है। मुंबई में नौकरी जल्दी नहीं मिलती है। ऐसे में ये दिल्ली में रुक गए। यहां पर इन्होंने ब्रोकर के जरिए छतरपुर इलाके में किराए पर फ्लैट लिया था। इसका आफताब ने पुलिस वेरीफिकेशन कराया था। वेरीफिकेशन कराते समय आरोपी ने श्रद्धा को अपनी दोस्त बताया था।

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मृतका श्रद्धा - फोटो : सोशल मीडिया
दोनों परिवारों से थे कटे हुए
आफताब व श्रद्धा अपने परिवारों से कटे हुए थे। हालांकि श्रद्धा के पिता उसे मिलने आए थे। आरोपी उसके साथ मारपीट करता था। मगर श्रद्धा साथ नहीं गई थी। पुलिस का मानना है कि परिवारों से कटने के बाद ये चिड़चिड़े व झगड़ालू होते चले गए।

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मृतका श्रद्धा - फोटो : सोशल मीडिया
पत्रकार बनना चाहती थी श्रद्धा
श्रद्धा बहुत ही जिंदादिल लड़की थी। कॉलेज के दोस्त उसे 4जी गर्ल कहकर बुलाते थे। वह हमेशा हंसती रहती थी। पिक्सी बाल कट होने की वजह से उसकी अलग पहचान थी। उसने अपने दोस्तों को आफताब से संबंधों के बारे में बताया था। श्रद्धा ने पत्रकारिता की पढ़ाई कर रखी थी। वह पत्रकार बनना चाहती थी।
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श्रद्धा (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
आफताब खाना लेने ही फ्लैट से बाहर आता था
छत्तरपुर में जिस मकान में आरोपी ने श्रद्धा की हत्या की है। वह बहुत ही तंग गली में है। ये इस मकान में दूसरी मंजिल पर रहते थे। पहली मंजिल पर रहने वाले मिथिलेश ने बताया कि आरोपी दाढ़ी रखता था और उससे उसकी एकाध बार मुलाकात हुई थी। देर रात उसका खाना आता था और वह सिर्फ खाना लेने ही बहार आता था। मिथिलेश ने आगे बताया कि एक दिन काम से उसने आफताब के घर का दरवाजा खटखटाया तो आरोपी ने कहा था कि आज के बाद ऐसा मत करना। उस समय उसका व्यवहार अजीब लगा।
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