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फ्लाइट की तरह पहली बार इस ट्रेन में लगेगा ब्लैक बॉक्स जैसा सेंसर नॉड, इन सुविधाओं से भी होगा लैस

Wed, 29 Aug 2018 05:00 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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विमान के ब्लैक बॉक्स की तरह ही ट्रेनों में वायरलेंस सेंसर नॉड लगेगा। राय बरेली कोच फैक्ट्री ने इस सेंसर नॉड समेत अन्य आधुनिक सुरक्षा व सुविधाओं से लैस स्मार्ट कोच तैयार कर लिया है। स्मार्ट कोच रेल यात्रा को सुखद, आरामदायक और सुरक्षित बनाएगा। सेंसर एक्सल बॉक्स से लैस स्मार्ट कोच मंगलवार को रेलवे ने दिल्ली स्थित सफदरजंग रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शित किया। 
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स्मार्ट कोच की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ट्रैक फ्रैक्चर होने, पहिए में होने वाली गड़बड़ी, बेयरिंग घिसने समेत कोच की सभी तरह की खराबी की सूचना पहले ही दे देगा। इससे ट्रेन की दुर्घटना में कमी आएगी। कोच की खराबी की जांच के लिए कोच फैक्ट्री में चार सप्ताह का वक्त भी बर्बाद नहीं होगा।
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 पहले चरण में रेलवे ने 100 कोच में यह सेंसर लगाने का निर्णय लिया है। न्यूयार्क व यूके की ट्रेनों में जिस तरह के सेंसर का इस्तेमाल किया जा रहा है। यूके की कंपनी ने इस तकनीक को विकसित किया है। इस सेंसर से चार महीने पहले ही रेलवे ट्रैक में तकनीकी खामियों का पता चल जाएगा। ट्रेन के कंपन्न से यह सेंसर ऑटोमेटिक रिचार्ज होगा।  

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राय बरेली कोच फैक्ट्री के महाप्रबंधक राजेश अग्रवाल ने बताया कि यह ट्रेन विथ ब्रेन है। इस ट्रेन का कंट्रोल सेंसर से किया जाएगा। स्मार्ट कोच में कंडीशन मॉनीटरिंग सिस्टम है। कोच में पानी की स्थिति का भी पता चलेगा। जीपीएस युक्त पैंसेंजर सिस्टम से इसे लैस किया गया है। स्मार्ट कोच के पहियों पर लगाए गए वाइब्रेशन सेंसर ट्रैक की खामी का तुरंत पता लगाएगा। सीसीटीवी कैमरे से कोच को लैस किया गया है। 
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कैफियात एक्सप्रेस होगी पहली स्मार्ट ट्रेन 
उत्तर रेलवे के प्रिंसिपल मेकेनिकल इंजीनियर अरुण अरोड़ा ने बताया कि सेंसर नॉड से युक्त पहली ट्रेन कैफियात एक्सप्रेस होगी। जीपीआरएस युक्त होने के कारण इसका पूरा डेटा लोको पॉयलट के पास होगा। रेलवे एक कोच पर 14 लाख रुपया खर्च किया जाएगा। इस कोच में ऐसे सेंसर लगाए गए हैं कि यदि कोच पानी खत्म हो जाता है तो अगले स्टेशन को एक संदेश भेज देगा। आपात स्थित में विमान की तरह बटन को दबा कर ट्रेन सुप्रीटेंडेंट को बुलाया जा सकेगा।  
 
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