Manoj Tiwari
सीलिंग का मामला वर्तमान में राजधानी में सबसे ज्यादा गंभीर मुद्दा है। केंद्र में भाजपा सत्ता में है तो दिल्ली में आप की सरकार है। दोनों ही पार्टियां पहले इस मुद्दे पर चुप थीं। कांग्रेस ने मुद्दा उठाया तो दोनो ही पार्टियां सक्रिय हो गईं, ताकि विरोधी को बढ़त न मिल जाए। तिवारी ने गोकल पुरी में डेयरी की सील तोड़ कर श्रेय लेने का प्रयास किया, लेकिन यह उनके लिए उलटा पड़ गया। तिवारी ने बात संभालने के लिए ओखला इत्यादि क्षेत्रों में सीलिंग न करने का भी मुद्दा बनाया। अब सर्वोच्च न्यायालय ने भी इसे गंभीरता से लिया है। अदालत ने सुनवाई के दौरान तिवारी से पूछ लिया कि आपने बयान दिया है कि एक हजार परिसर ऐसे हैं जहां सीलिंग होनी चाहिए, लेकिन मॉनिटरिंग कमेटी नहीं कर रही।