हरियाणवी सिंगर एवं गायिका सपना के द्वारा जातिसूचक रागिनी मामले में हाईकोर्ट में दिए गए हलफनामे को खांड़सा गांव के लोगों ने फर्जी साबित होने का दावा किया है।
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रविवार को दलित समाज ने खांड़सा गांव की कबीर पंथी चौपाल में पंचायत करके सतपाल को अपना समर्थन दिया और उसके समर्थन में सैकड़ों हस्ताक्षर करके पुलिस को सौंपे हैं, जिन्हें चंडीगढ़ हाईकोर्ट भेजा जा रहा है।
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पंचायत में बताया गया कि सपना ने अपने बचाव में हाईकोर्ट में जो हलफनामा दिया था, उसमें लिखा था कि खांड़सा गांव में उसने दलित समाज की पंचायत करके माफी मांग ली है और दलित समाज ने उसे माफ कर दिया है।
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इस हलफनामे में उदयवीर अंजना नामक व्यक्ति ने अपने को खांड़सा गांव का मौजूदा सरपंच बताकर हस्ताक्षर किए हुए हैं, जबकि गांव खांड़सा नगर निगम का हिस्सा है और यहां के पार्षद वीरेंद्र यादव हैं।
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इसके अलावा एक अन्य पूर्व सरपंच व एक अन्य के भी इस पर हस्ताक्षर हैं। सपना के द्वारा दिए गए हलफनामें में दलित समाज की फर्जी पंचायत दिखाई गई। जिससे खांड़सा गांव के दलित समाज में रोष व्याप्त है।
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इस मामले पर फर्जी एफिडेविट में हस्ताक्षर करने वाले लोगों का दलित समाज ने बहिष्कार करने की बात कही है। वहीं, पुलिस ने सतपाल के बयान लेकर सपना के एफिडेविट फर्जीवाडे में शामिल लोगों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।
इस पंचायत में खांड़सा के महिपाल, रणबीर फौजी, प्रताप सिंह तंवर, जिले सिंह, प्रेम सिंह, दयाचंद तंवर, रामफूल समाजसेवी, सुबेचंद, रमेश पूर्व पंच, संदीप तंवर, भंवरपाल, जितेंद्र, रवि समेत अन्य लोग मौजूद थे।