बरेली के विधायक की बेटी साक्षी और उसके पति अजितेश सोमवार को पुलिस सुरक्षा के साथ इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेश हुए। दोनों की याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने उनको पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने और उनके शांतिपूर्ण वैवाहिक जीवन में किसी को भी हस्तक्षेप नहीं करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने विधायक राजेश मिश्र को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के लिए कहा है।
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कोर्ट ने कहा है कि याची के परिवार के लोगों को कोई हानि न पहुंचाने पाए। दोनों के विवाह की वैधता पर कोर्ट का कहना था कि यह याचिका का विषय नहीं है। यह साक्ष्य का विषय है। जिसे किसी वैधानिक कार्यवाही में तय किया जा सकता है। कोर्ट ने साक्षी और अजितेश को दो माह के भीतर अपने विवाह का पंजीकरण करा लेने का आदेश दिया है। यदि वह ऐसा नहीं करते हैं तो उनको मिला सुरक्षा और संरक्षण का आदेश स्वत: रद्द हो जाएगा।
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याचिका पर न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा ने सुनवाई की। हाईकोर्ट ने लता सिंह केस में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि दो बालिग लोगों के अंतर्जातीय या अंतरधार्मिक विवाह की स्थिति में पुलिस प्रेमी युगल की सुरक्षा करे। कोर्ट के आदेश में सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला दिया गया है।
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- फोटो : Social Media
याची के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि उनको और दोनों याचीगण को धमकियां मिल रही हैं। उनको खतरा है। इस पर अदालत ने पुलिस को सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया है। इससे पूर्व दोनों सोमवार को पुलिस सुरक्षा में करीब साढ़े दस बजे कोर्ट पहुंचे। कोर्ट ने लड़की का बयान लिया और दोनों के बालिग होने और अपनी मर्जी से शादी करने की जानकारी मिलने तथा सुरक्षा की मांग पर कोर्ट ने सुरक्षा का निर्देश दिया।
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बाहर निकले तो हुई पिटाई
कोर्ट की सुनवाई पूरी होने के बाद दोनों बाहर निकले तो वहां मौजूद लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। कोर्ट के बाहर मौजूद लोग इस बात से नाराज थे कि इस पूरे मामले को मीडिया में अनावश्यक तूल दिया जा रहा है। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से साक्षी के माता-पिता को बेवजह बदनाम किया जा रहा है। आक्रोश इतना था कि कुछ लोगों ने उनकी पिटाई कर दी।
धक्का-मुक्की और हंगामे के बीच साथ मौजूद पुलिसकर्मियों ने बड़ी मशक्कत से दोनों को बगल के न्यायकक्ष तक पहुंचाया। सूचना पाकर हाईकोर्ट के अधिकारी भी आ गए। पुलिस और सीआरपीएफ की मदद से दोनों को महानिबंधक कार्यालय तक ले जाया गया। करीब तीन घंटे के बाद पुलिस उनको अपने वाहन से लेकर एयरपोर्ट के लिए निकली।