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बिग बॉस से निकाले गए ‘बाबा’ से छिनने वाली है उनकी पहचान, जल्द होने वाला है ऐलान

Wed, 01 Feb 2017 03:17 PM IST
रश्मि ओझा/अमर उजाला, गाजियाबाद
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बिग बॉस के घर से निकाले जाने के बाद अब ‘स्वामी ओम’ की राह बाहर भी आसान नहीं दिख रही। संत समाज स्वामी ओम को बहरूपिया बताते हुए उनके विरोध में उतर आया है। हरिद्वार जूना अखाड़े से भी विरोध के स्वर उठने लगे हैं।
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बताया जा रहा है कि संत परिषद की दिल्ली-एनसीआर में होनी वाली आगामी बैठक में स्वामी ओम के बहरूपिया होने की घोषणा की जाएगी। संत समाज का यह आरोप भी है कि रियालिटी शो में साजिश के तहत स्वामी ओम को लाया गया था।
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रियालिटी शो बिग बॉस के प्रतिभागी स्वामी ओम के बहिष्कार के लिए संत समाज एकजुट हो गया है। राष्ट्रीय संत परिषद के सदस्य और जूना अखाड़ा के सभी सदस्य स्वामी ओम का विरोध कर रहे हैं।

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उनका कहना है कि स्वामी ओम संत नहीं बल्कि संत के नाम पर कलंक है। बिग बॉस में ऐसे लोगों को संत के रूप में शामिल करना हिंदू धर्म का मजाक उड़ाना है।
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अखिल भारतीय जूना अखाड़ा परिषद के सचिव और श्रीपंचदशनाम और अंतर्राष्ट्रीय सचिव महंत नारायण गिरि ने कहा कि ऐसा बहरूपिया संत के नाम पर कलंक है।
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हिंदू धर्म का मजाक उड़ाने वाले इस तरह के लोगों को सबक सिखाने के लिए 13 जनवरी को अखाड़ा परिषद दिल्ली-एनसीआर की बैठक की जाएगी।
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इसमें सभी सदस्यों की सहमति से यह प्रस्ताव रखा जाएगा कि स्वामी ओम को संत कहकर प्रचारित नहीं किया जाएगा क्योंकि संत समाज उसे संत नहीं बल्कि एक बहुरूपिया मानता है।

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साथ ही सरकार से भी मांग की जाएगी कि इस तरह के शो में संतों का मजाक उड़ाने पर रोक लगाई जाए। उन्होंने बताया कि दिल्ली के मंदिरों और आयोजनों में कथित स्वामी ओम कभी संत के कपड़ों में तो कभी कोट पैंट आदि में देखे जाते थे लेकिन कोई उसे साधु नहीं मानता था।
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वहीं, अखिल भारतीय संत परिषद के राष्ट्रीय संयोजक यति नरसिंहानंद सरस्वती का कहना है कि बिग बॉस में साजिश के तौर पर स्वामी ओम को लाकर संत समाज और हिंदू धर्म का मजाक उड़ाया गया है।
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