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प्रद्युम्न हत्याकांड : खुल गया रायन स्कूल, अब तक दूर नहीं हुईं ये खामियां

Tue, 26 Sep 2017 09:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
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- फोटो : अमर उजाला
रायन इंटरनेशनल स्कूल भोंडसी 8 सितंबर को हुए हत्याकांड के बाद सोमवार को फिर खुला। जिला प्रशासन ने स्कूल व बस में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किे दावे किए। इनकी हकीकत जानने के लिए अभिभावक स्वयं यहां पहुंचे। स्कूल में प्रवेश के दौरान अभिभावकों की एंट्री भी कराई गई। ऐसा पहली बार हुआ कि स्कूल में बच्चों के प्रवेश के दौरान टीचर भी मैदान में दिखाई दिए। सुरक्षा व्यवस्था को जांचने के लिए सोमवार को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी व एसडीएम ने भी स्कूल का दौरा किया। स्कूल में तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम दिखे, लेकिन स्कूल बसें अब भी उपेक्षा की शिकार हैं।
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ड्राइवर ने न सीट बेल्ट लगाई थी और न ही यूनिफॉर्म में था - फोटो : अमर उजाला
8 सितंबर को हुए हत्याकांड के बाद तीन दिन बाद स्कूल खोला गया था, लेकिन इसे तुरंत ही बंद कर दिया गया। इसके बाद से खामियों को दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने स्कूल को अपने अधीन ले लिया था। खामियों को दूर करने के बाद शनिवार को अभिभावकों के साथ बैठक की गई। सोमवार को छात्रों को बुलवाकर रूटीन में स्कूल शुरू कराया गया। सुबह स्कूल में छात्रों व अभिभावकों को प्रवेश करने के लिए मेटल डिटेक्टर से होकर गुजरना पड़ा। स्कूल के अंदर अभिभावकों को जाने के लिए रजिस्टर में एंट्री करनी पड़ी। मुख्य द्वार से प्रवेश करने के बाद क्लास रूम तक छात्रों के पहुंचने के रास्ते में जगह-जगह टीचरों को तैनात किया गया।
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पर्सनल नंबर की गाडी से पहुचे बच्चे, जिसका ड्राइवर बिना यूनिफॉर्म और सीट बेल्ट के दिखा
अनेक अभिभावकों के मन में सुरक्षा को लेकर अब भी डर देखा गया। कुछ ने स्कूल में प्रवेश कर स्वयं सुरक्षा का आंकलन किया तो कुछ बसों में पर्याप्त सुरक्षा न होने को लेकर स्वयं ही बच्चों को स्कूल छोड़ने आए। यहां बसों में सीसीटीवी कैमरे की फिटिंग तो कर दी गई है, लेकिन कैमरे अभी इंस्टाल नहीं किए गए हैं। उधर, स्कूल में सुरक्षा व्यवस्था को जांचने के लिए एसडीएम व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने दौरा किया। उन्होंने यहां व्यवस्था को जांचकर रिपोर्ट जिला उपायुक्त को सौंपी है।

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arvind
क्या कहते हैं अभ‌िभावक
स्कूल में सुरक्षा को लेकर मन में संकोच है। इसलिए यहां स्वयं सुरक्षा जांचने के लिए आया हूं। बसों में तो सुरक्षा का अभाव लग रहा है। इसलिए खुद ही बच्चे को छोड़ने स्कूल आऊंगा।
- अरविंद
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renu
सुरक्षा को बढ़ाया तो गया है, लेकिन अभी पर्याप्त नहीं लग रही है। और सुरक्षा बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। बसों में अभी भी लापरवाही नजर आ रही है।
- रेनू
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pradeep sharma
बसों में न तो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और न ही बसों की लाइटें ठीक दिखाई दे रही हैं। चालक भी बिना वर्दी के आए हैं। ऐसे में सुरक्षा में अब भी चूक दिखाई दे रही है।
- प्रदीप शर्मा
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rupa singh
बसों में तो अब भी नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं। हम चाहते हैं कि जिला प्रशासन इस पूरे सेशन के लिए स्कूल को अपने अधीन ले ले। पूरा साल बर्बाद न हो, इसके लिए हम बच्चों को इस स्कूल में भेज रहे हैं।
- रूपा सिंह
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