pm modi
अब इस सूट के बारे में एक नया मामला सामने आया है। इस सूट की हकीकत को जानने की उत्सुकता लोगों में भी थी और कुछ दिन बाद एक आरटीआई एक्टिविस्ट रोहित सभरवाल ने एक आरटीआई दायर करते हुए यह जानना चाहा कि 1998 से लेकर अबतक देश के प्रधानमंत्रियों के कपड़े पर कितना खर्च किया गया है। आरटीआई में जिस दौर की जानकारी मांगी गई थी उस दौरान अटल बिहारी वाजपेई और मनमोहन सिंह पीएम के पद पर कार्य कर चुके थे।