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UP उपचुनाव के नतीजों के संकेतः बुआ-बबुआ का ये साथ पश्चिम यूपी में भी दिखा सकता है कमाल

Thu, 15 Mar 2018 10:15 AM IST
इंदु शेखर पंचोली/अमर उजाला, नोएडा
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mayawati
लोकसभा चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की सीटों पर बीजेपी की करारी हार से साफ हो गया है कि बुआ-भतीजे का ये सियासी रिश्ता आगे भी जारी रहा तो आने वाले लोकसभा चुनाव में बीजेपी के लिए बड़ी मुश्किल हो सकती है।
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up by electiopn - फोटो : पीटीआई
सपा सचिव रामगोपाल यादव ने भी आज दिल्ली में माना है कि जिस तरह के नतीजे आए हैं उनसे जाहिर है कि बसपा से दोस्ती का फायदा मिला है।
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keshav prasad maurya - फोटो : amar ujala
पश्चिमी यूपी में दलित और मुस्लिम वोटर ज्यादातर सीटों पर निर्णायक कारक हैं। फूलपुर में बाहुबली अतीक अहमद को जिस तरह 30 हजार से भी कम वोट मिले हैं उससे जाहिर है कि मुस्लिम मतदाताओं में ये संदेश गया है कि यह महज वोट काटने उतरे थे। लिहाजा मुस्लिमों ने भी उनकी जगह सपा उम्मीदवार को वोट दिया जो इस जीत में अहम साबित हुआ।
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akhilesh yadav
विधानसभा चुनाव में पश्चिम उत्तर प्रदेश के मुस्लिम वोट सपा की जगह बसपा को गए थे। ऐसे में मुस्लिम, दलित और पिछड़ी जाति का गठबंधन बनता है तो भाजपा को 2019 में लोकसभा चुनाव में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
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