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सवर्णों को 10% आरक्षण पर सोशल मीडिया ले रहा मजे, कहा- अब राहुल भी बन जाएंगे पीएम

Mon, 07 Jan 2019 06:33 PM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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narendra modi - फोटो : ट्विटर
आम जनता, मीडिया और विपक्ष की सोच से परे 2019 के लोकसभा से पहले मोदी सरकार ने अपना मास्टर स्ट्रोक चल दिया है। सूत्रों के अनुसार, मोदी कैबिनेट ने सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को सरकारी नौकरियों और शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण देने की मंजूरी दे दी है। इसके तहत गरीब सवर्णों को भी आरक्षण का लाभ मिल सकेगा। इस फैसले ने सबको चौंका कर रख दिया है। वहीं सोशल मीडिया भी फैसले को लेकर दो भागों में बंट गया है। जहां एक वर्ग इस फैसले के मजे ले रहा है तो दूसरा इसके समर्थन में उतरा हुआ है।

एक यूजर ने मोदी सरकार के इस फैसले को जुमला मानते हुए लिखा है, 'जनरल कैटेगरी में 10% कोटा देने को एक शब्द में बताइए- मैंने कहा- लॉलीपॉप।'


एक अन्य यूजर ने लिखा, 'क्या जनेऊधारी ब्राह्मण राहुल गांधी 10% आरक्षण के लिए योग्य हैं? शायद अब वह पीएम बन जाएं।'


एक यूजर ने आय प्रमाणपत्र के खरीदे जाने की संभावना पर लिखा, 'जाति प्रमाणपत्र तो 100 रुपए में भी खरीदे जा सकते हैं। इसी तरह से आय प्रमाणपत्र भी खरीदे जा सकते हैं और लोग इसे खरीदते रहे हैं। अब कम से कम सब गर्व से अपनी जाति और गरीबी के बारे में बात करेंगे। यह एक सराहनीय कदम है।'

 
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'अब पुल टूटने पर खराब सीमेंट बालू होंगे जिम्मेदार'

एक यूजर ने चुटकी लेते हुए कहा, 'अब से भविष्य में कोई पुल गिरेगा तो उसके लिए आरक्षण उत्तरदायी नहीं होगा, बल्कि पूरी गलती सीमेंट, बालू, गिट्टी की गुणवत्ता की होगी! क्यों मित्रों'


एक यूजर ने मोदी समर्थकों के मजे लेते हुए लिखा, 'भक्तों की यात्रा... पहले कहते थे आरक्षण खत्म कर देना चाहिए। अब कहते हैं सवर्णों को आरक्षण देना मोदी सरकार का ऐतिहासिक कदम है।'



एक यूजर ने तो यहां तक लिखा कि, 'पहले जो उच्च वर्ग लोअर कास्ट को आरक्षण के लिए उलाहना देता था अब वही इसकी खुशी मना रहा है।'


एक यूजर ने लिखा है कि '10% आरक्षण एक मास्टर जुमला है- मोदी सरकार नौकरी देने में फेल हो गई। अगर कोई नौकरी ही नहीं है तो कोई जाति या आर्थिक वर्ग के लोग क्या पाएंगे? जीरो का 10% आज भी जीरो ही होता है।'

 

 
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