एक यूजर ने चुटकी लेते हुए कहा, 'अब से भविष्य में कोई पुल गिरेगा तो उसके लिए आरक्षण उत्तरदायी नहीं होगा, बल्कि पूरी गलती सीमेंट, बालू, गिट्टी की गुणवत्ता की होगी! क्यों मित्रों'
एक यूजर ने मोदी समर्थकों के मजे लेते हुए लिखा, 'भक्तों की यात्रा... पहले कहते थे आरक्षण खत्म कर देना चाहिए। अब कहते हैं सवर्णों को आरक्षण देना मोदी सरकार का ऐतिहासिक कदम है।'
एक यूजर ने तो यहां तक लिखा कि, 'पहले जो उच्च वर्ग लोअर कास्ट को आरक्षण के लिए उलाहना देता था अब वही इसकी खुशी मना रहा है।'
एक यूजर ने लिखा है कि '10% आरक्षण एक मास्टर जुमला है- मोदी सरकार नौकरी देने में फेल हो गई। अगर कोई नौकरी ही नहीं है तो कोई जाति या आर्थिक वर्ग के लोग क्या पाएंगे? जीरो का 10% आज भी जीरो ही होता है।'