राजीव गांधी के बचपन की तस्वीर
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प्रधानमंत्री बनने के बाद राजीव का भी विवादों से दामन जुड़ गया। भोपाल गैस कांड, शाहबानो प्रकरण, लिट्टे और फिर बोफोर्स की खरीददारी ने राजीव के दामन पर दाग के छीटें लगा दिए थे। बोफोर्स के बुलबुले ने राजीव गांधी से अगले चुनावों में प्रधानमंत्री पद की कुर्सी छीन ली, जिसके बाद वो करीब दो वर्षों तक विपक्ष में रहे। अगले आम चुनावों में कांग्रेस के जीतने के साथ-साथ राजीव के प्रधानमंत्री बनने की संभावना बहुत कम थी, लेकिन इसी दौरान वो घटना घट गई जिसका अंदाजा किसी को नहीं था।