नोटबंदी के एक साल होने पर राजनीतिक गलियारों में विपक्षी पार्टियों और सत्ता पक्ष के बीच जंग छिड़ी नजर आ रही है। कांग्रेस और भाजपा के बीच जो आर्थिक सुधार को लेकर शुरू हई थी वो अब एक साल बाद बैंको और एटीएम के बाहर लगी लाइनों पर आ कर अटक गई है। आज कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने दिनभर ट्वीट कर नोटबंदी के खिलाफ अपना विरोध जताया है। उनमें से एक ट्वीट में एक फोटो पोस्ट कर उन्होंने एक शायरी लिखी,'एक आँसू भी हुकूमत के लिए ख़तरा है, तुमने देखा नहीं आँखों का समुंदर होना'
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nand lal
- फोटो : twitter
राहुल गांधी के इस तस्वीर को पोस्ट करने के बाद भाजपा उनपर हमलावर हो गई है। बता दें कि राहुल गांधी ने जो तस्वीर पोस्ट की है उसमें गुरुग्राम का एक बुजुर्न शख्स रोता दिख रहा है। यह वही तस्वीर है जो पिछले साल नोटबंदी के बाद जनता को हुई तकलीफों का प्रतीत बन गई थी। इस फोटो में जो बुजुर्ग रोता दिखाई दे रहा है उसका नाम नंद लाल है और वह एक पूर्व सैनिक है।
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rahul gandhi's tweet
- फोटो : twitter
बता दें कि यह फोटो उस समय खींची गई थी जब नोटबंदी के दौरान बैंक से नकदी निकालने में लोग असमर्थ थे और इस कारण वह रो पड़ा था, इसके बाद से ही नंद लाल की यह तस्वीर नोटबंदी के बाद आम जनता के दुखों का प्रतीक बन गई थी।
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rahul gandhi
हालांकि अब एक जब एक साल बाद नंद लाल से नोटबंदी के फैसले के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि"मैं सरकार के लिए गए निर्णय का सम्मान करता हूं। मेरे हिसाब से नोटबंदी की वजह से देश को आतंकवाद से काफी राहत मिली है।" आर्मी के पूर्व सिपाही ने यह बताया कि शुरुआत में नकदी को ले कर दिक्कतें आईं लेकिन सबकुछ धीरे-धीरे सही हो गया।
जब उनसे पूछा गया कि क्या नोटबंदी एक सही निर्णय था तो वह बोले कि जो भी सरकार कहेगी वो मैं स्वीकारूंगा, मैं एक सिपाही रह चुका हूं। मैं सरकार का हर आदेश मानूंगा। केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता रवि शंकर ने भी यही बात कही। साथ ही यह भी कहा कि राहुल गांधी ने नंद लाल के जरिए नोटबंदी के खिलाफ बोलना चाहा। लेकिन नंद लाल ने कह दिया कि वो मोदी जी के समर्थक हैं।