राफेल विमानों के साथ दो सुखोई विमान (पीछे की ओर)
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12वीं करने के बाद साल 1999 में रोहित एनडीए में चले गए। यहां रहते हुए उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की। एयरफोर्स में रहते हुए रोहित को सभी लड़ाकू विमान सुखोई, मिराज, तेजस, मिग-21, जगुआर उड़ाने का अनुभव है। अब राफेल लाने के लिए उनकी तैनाती डेढ़ साल पहले पेरिस की गई थी।
यहां फ्रांस एयरफोर्स ने उन्हें राफेल उड़ाने का प्रशिक्षण दिया। करीब तीन महीने पहले उन्हें ग्रुप कैप्टन के तौर पर पदोन्नत कर दिया गया था, लेकिन नियमों के अनुसार यह पदोन्नति रोहित के भारत लौटने पर ही की जानी थी। बुधवार को राफेल के साथ जब वह अंबाला पहुंचे, तो पदोन्नति के आदेश लागू हो गए।