आज 17 सितम्बर को श्रीमती राधारानी का आविर्भाव दिवस श्री राधाष्टमी महोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया | समारोह में श्रीमती राधारानी का गुणगान करने के लिए कीर्तन तथा उनका दूध, दही, शहद, घी तथा ताजे फलों के रस से अभिषेक किया गया |
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श्रीमती राधारानी की लीलाओं का गुणगान करते हुएइस्कॉन के संस्थापकचार्य श्रील प्रभुपाद के निजी शिष्य परम पूज्य लोकनाथ स्वामी महाराज ने बताया कि राधारानी श्रीकृष्ण से अभिन्न हैं एवं जो कोई भी भगवान कृष्ण का प्रेम प्राप्त करना चाहता हो उसे श्रीमती राधारानी के चरणों में प्रार्थना करनी चाहिए |
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बिना राधारानी की कृपा के भगवान अपनी प्रेमाभक्ति प्रदान नहीं करते | अभिषेक के पश्चात् भगवान की महाआरती उतारी गयी तथा 56 भोग अर्पित किये गए | इस अवसर पर भगवान की लीलाओं को प्रदर्शित करते हुए एक नाटक की प्रस्तुति दी गयी जिसमें वृन्दावन से आई हुई मंडली ने राधारानी एवं भगवान कृष्ण की लीलाओं का मंचन किया |
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इसमें बताया गया कि राधारानी और भगवान कृष्ण के बीच प्रेम सम्बन्ध को समझने के लिए हमें दास के रूप में उनकी सेवा करनी चाहिए |
समारोह के अंत में सभी के लिए भंडारे प्रसाद का आयोजन किया गया | कुल मिलाकर उत्सव अत्यंत उल्लासपूर्ण एवं उत्साहवर्धक रहा | समारोह में लगभग 800 लोगों नें भाग लिया |