पंचायत चुनाव के लिए मतदान की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। इसी के साथ उम्मीदवारों की धड़कने तेज हो गई हैं। वोटरों को लुभाने के लिए हर हथकंडा अपनाया जा रहा है। रविवार यानि कल छोटी सरकार के लिए वोटिंग होनी है, लेकिन इससे पहले उम्मीदवारों ने अपनी जीत पक्की करने के लिए साम, दाम, दंड, भेद की नीति अपनानी शुरू कर दी है। (सभी फोटो व स्टोरी : गौरव चौधरी/अमर उजाला, ब्यूरो)
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तस्वीरों में देखिए पंचायत चुनाव के दिन का सच, रात की हकीकत
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दिन में घर-घर जाकर वोट मांगे जा रहे हैं तो रात के अंधेरे में वोटों की लॉबिंग हो रही है। वोटों पर नजर रखने के लिए उम्मीदवारों और उनके समर्थकों ने गांव में पहरा तक बैठा रखा है। इन सबके बीच शराब और कबाब का खुला खेल भी चल रहा है। रात में चुनावी माहौल का जायजा लेने पर कई चौंकाने वाले नजारे दिखे। पेश है गौरव चौधरी की रिपोर्ट :
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स्थान : गांव पलवली समय : रात 9:45 बजे गांव में दिन से ज्यादा रात में चुनावी माहौल गरम था। मतदान नजदीक आते देख उम्मीदवारों के समर्थक पूरी मेहनत के साथ माहौल बनाने में जुटे थे। बड़े तो बड़े बच्चे भी इस काम में जुटे दिखे। यूं तो पोस्टरबाजी पर चुनाव आयोग की बंदिश है, लेकिन रात के अंधेरे में बच्चे दीवारों पर पोस्टर चिपकाते दिखे। थोड़ा आगे बढ़े तो नजारा और भी चौंकाने वाला था। एक उम्मीदवार के कार्यालय से शराब की पर्चियां जारी करी जा रहीं थी। इन पर्चियों को ठेके पर दिखाकर बिना पैसे दिए शराब ली जा सकती थी।
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स्थान : गांव बादशाहपुर समय : रात 10:15 बजे इस गांव की गलियों में सन्नाटे के बीच जगह-जगह महिला और पुरुषों के अलग जत्थे बैठे दिखाई दिए। यह जत्थे गांव में आने-जाने वाले हरेक आदमी पर नजर रखे हुए थे। इस गांव में एक उम्मीदवार के कार्यालय का हाल देखकर यहां दिन की रौनक का अंदाजा खुद ब खुद लगाया जा सकता था। वोटों की लॉबिंग के लिए बाकायदा खाने-पीने का इंतजाम था। यहां बताया गया कि गांव में जिन लोगों के पास वोट की जितनी शक्ति है, उन्हें उसी के मुताबिक तौला जा रहा है। सस्ती से महंगी शराब यहां बांटने की व्यवस्था की गई है।
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स्थान : गांव भूपानी समय : रात 10:45 बजे गांव में चौकड़ी जमाए बैठीं महिलाओं की टोली चुनावी चौपाल सजाए बैठी थी। चुनावी मुद्दों के साथ इस चौपाल पर भजन-कीर्तन और गीत-संगीत का भी इंतजाम दिखा। यहां महिलाओं का कहना था कि आमतौर पर गांव में लोग सात बजे सो जाते हैं लेकिन चुनावी माहौल कोई न बिगाड़े इसको ध्यान में रख रातभर जागकर गांव में आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है। गांव में चुनाव प्रचार का दूसरा पहलू भी बताया गया। ग्रामीणों के मुताबिक कई जगह शराब बांटी जा रही है, बशर्ते इसके लिए वोटर को उम्मीदवार के समर्थन में वोट देने का वादा करना होता है।
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एक पहलू यह भी : एक तरफ शराब और खाने का लालच देकर वोटरों को रिझाने की कोशिश हो रही है तो दूसरी तरफ महिला वोटरों को लुभाने के लिए कई गांवों में साड़ियां और पाजेब तक बांटने की बात सामने आ रही है। इसको लेकर गांवों में चर्चाओं का बाजार गर्म दिखा।