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ढाई साल का आरव नहीं जानता पिता अजय हो गए शहीद, गोद में चढ़कर दी जांबांज को मुखाग्नि

Tue, 19 Feb 2019 06:23 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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martyr ajay kumar - फोटो : अमर उजाला
पुलवामा में आतंकियों से मुठभेड़ में मेरठ के जांबाज अजय कुमार शहीद हो गए। मंगलवार को मोदीनगर के पतला में शहीद अजय का अंतिम संस्कार किया गया। यहां उनके ढाई साल के बेटे आरव ने उन्हें मुखाग्नि दी इसे देखकर वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं।(सभी फोटोः अमर उजाला)
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martyr ajay kumar - फोटो : अमर उजाला
अजय कुमार सोमवार को हुए पुलवामा एनकाउंटर में मारे गए। मेरठ के प्रभारी मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह और केंद्रीय राज्य मंत्री सत्यपाल सिंह भी मौके पर मौजूद थे।
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martyr ajay kumar - फोटो : अमर उजाला
शहीद अजय की पत्नी बोलीं- सेना के हाथ खोल दो, कहां से आएंगे इतने लाल
पुलवामा मुठभेड़ में शहीद सिपाही अजय कुमार की पत्नी प्रियंका उर्फ डिंपल की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहेे। उनकी जुबां पर बार-बार एक ही सवाल उठ रहा था कि कितनी माएं, कितनी बहनें और कितनी पत्नियां अपनों को खोएंगी।

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martyr ajay kumar - फोटो : अमर उजाला
सुरक्षा बलों के हाथ खोल दो, कहां से इतने लाल आएंगे। शहीद अजय कुमार के घर पर सुबह से ही मातम पसरा है। सिसकियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। मां कमलेश ढाई साल के पोते आरव को गोद में सुलाकर चुप बैठी हैं। प्रियंका का बुरा हाल है। रोते-रोते बेहोश हो जाती हैं।
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martyr ajay kumar - फोटो : अमर उजाला
प्रियंका बताती हैं कि एक बार पत्थरबाजों के हमले में पत्थर लगने से अजय घायल हो गए थे। मैंने उनसे पूछा कि आपने क्यों नहीं हमला किया तो वह हंसने लगे। कहने लगे आपको नहीं पता। हमको ऊपर से साफ आदेश हैं कि कोई कितना भी पत्थर क्यों न मारे, आपको फायर नहीं करना है।
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martyr ajay kumar - फोटो : अमर उजाला
रोते-रोते वह कहती हैं कि देश में ये कौन सा कानून है। सेना को पत्थर मारने वालों को कुछ नहीं करने को कहा जाता है। पीएम को इस पर कुछ करना होगा। ऐसा नहीं किया तो कोई मां अपने लाल को शहीद होने के लिए क्यों भेजेगी। 
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